नोखा. राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल पदों पर लिखित परीक्षा देने आए युवकों ने शनिवार की देर शाम नोखा के रेलवे स्टेशन पर जमकर उत्पात मचाया। युवको ने बीकानेर से हावड़ा जाने वाली ट्रेन के रिजर्वेशन डिब्बों में घुसकर कब्जा कर लिया और यात्रियों को ट्रेन में नहीं चढने दिया।
इतना ही नहीं ट्रेन के एसी डिब्बों में भी यात्रियों को नहीं चढने दिया। जिससे काफी यात्री ट्रेन में यात्रा करने से वंचित रह गए। कुछ यात्रियों ने अपना रिजर्वेशन टिकट दिखाते हुए इसका विरोध भी रेलवे अधिकारियों के सामने दर्ज कराया। यात्री मंजू देवी, इशिता ओर जयेश के नाम से रिजर्वेशन टिकट होते हुए भी वे यात्रा नही कर पाए। कुछ देर रुकने के बाद ट्रेन रवाना हो गई और वे यात्रा करने से वंचित रह गए।
चारों ओर युवाओं की रेलमपेल, पहले दिन १९ हजार की परीक्षा
बीकानेर . राजस्थान पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के पहले दिन शनिवार को दो पारी में १९ हजार ६२ अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। संभाग मुख्यालय पर २२ और डूंगरगढ़ में ३ परीक्षा केन्द्रों पर कुल २२ हजार ६२४ अभ्यर्थियों को परीक्षा देने का बुलावा था। इनमें से ८४ प्रतिशत परीक्षा देने पहुंचे। बीकानेर जिले के साथ ही अन्य जिलों से हजारों की तादाद में युवक-युवतियां परीक्षा देने पहुंचे है। रविवार को भी दो पारी में २२ हजार से अधिक अभ्यर्थियों की परीक्षा होगी।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड पर शनिवार को परीक्षा देकर वापस लौटने और रविवार को होने वाली परीक्षा देने पहुंचने वाले अभ्यर्थियों की भीड़ के सामने तमाम बंदोबस्त कम पड़ गए। रेलगाड़ी पर अभ्यर्थी कोच के दरवाजों पर लटककर सफर करते नजर आए। वहीं रोडवेज की ओर से अतिरिक्त बसों का संचालन करने के बावजूद बसों में खड़े रहने तक की जगह नहीं रही।
नोडल अधिकारी पवन मीणा के अनुसार शनिवार को 19 हजार 62 अभ्यर्थियों में से पहली पारी 10 से 12 बजे तक में 9 हजार 527 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। वहीं दूसरी पारी दोपहर 3 से 5 बजे में 9 हजार 535 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। पहले दिन परीक्षा शांतिपूर्ण रूप सम्पन्न होने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। रविवार को भी दो पारियों में परीक्षा आयोजित होगी।
350 जवान तैनात
सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान उमडऩे वाली भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था के लिए तीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सात डीएसपी, 50 सब इंस्पेक्टर व 350 जवानों ने ड्यूटी संभाली।
गहने-कपड़े उतरवाए
परीक्षार्थी के लिए लम्बी बाजू की शर्ट या टी शर्ट पहनने पर रोक थी। इसके बावजूद बड़ी तादाद में युवक लम्बी बाजू की शर्ट पहने पहुंचे तो परीक्षा केन्द्र के बाहर जांच से गुजरने के दौरान उन्हें शर्ट खोलनी पड़ी। साथ ही जूते भी उतारने पर केन्द्र में प्रवेश दिया गया। वहीं महिला अभ्यर्थियों को अपने दुप्पटे और गहने उतारने पर परीक्षा केन्द्र में प्रवेश मिला। युवतियां केन्द्र के बाहर कान, नाक, गले और पैरों में पहने गहने उतारने के लिए मशक्कत करती नजर आई।
बसों-ट्रेनों में भीड़
पहली और दूसरी पारी की परीक्षा समाप्त होने के बाद रेलवे स्टेशन और बस स्टैण्ड पर अभ्यर्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। रेलवे ने जोधपुर के लिए अतिरिक्त ट्रेनें और रोडवेज ने नागौर और श्रीगंगानगर मार्ग पर अतिरिक्त बसें चलाई। शनिवार दोपहर चूरू, दादर, नादेड, बाडमेर-कालका, सूरतनगढ़, संपर्क क्रांति ट्रेनों में भीड़ रही। वहीं शाम को हावड़ा और रात को बिलासपुर आदि ट्रेन में खचाखच भरी चली।
सोशल मीडिया खामोश
परीक्षा के चलते शुक्रवार आधी रात के बाद संभाग मुख्यालय और श्रीडूंगरगढ़ में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। रविवार को भी परीक्षा के चलते इंटरनेट पर ब्रेक रहेगा। इसके चलते खासकर मोबाइल फोनों में सोशल मीडिया खामोश रही। इसी के साथ ऑनलाइन कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहा।





No comments:
Post a Comment