दौसा. बांदीकुई. जिले की अधिकांश प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बिजली कनेक्शन के अभाव में शिक्षक एवं विद्यार्थी परेशान होने लगे हैं। इन दिनों गर्मी की तपन तेज होने व उमस बढऩे से छात्र विद्यालयों में पसीज रहे हैं। ऐसे में छात्रों का रुकना तक मुश्किल हो रहा है। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बाढ़बिशनपुरा में मंगलवार को गर्मी से छात्र साहिल व गौतम की की तबीयत तक बिगड़ गई। इससे एक बार तो शिक्षकों में खलबली मच गई। आनन-फानन में एएनएम सरोज सैनी को बुलवाकर उपचार कराकर शिक्षक बच्चों को घर छोड़कर आए।
सूत्रों के मुताबिक दौसा जिले में कुल 880 प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें से मात्र 167 विद्यालयों में ही बिजली कनेक्शन एवं पंखों की सुविधा है। शेष 713 विद्यालयों को बिजली कनेक्शन का इंतजार है। इसके अलावा 216 उत्कृष्ट विद्यालयों में से 212 विद्यालयों में बिजली कनेक्शन हैं। प्राथमिक विद्यालयों में बिजली कनेक्शन नहीं होने व पंखें नहीं होने के कारण छात्रों का कक्षों में बैठना तक मुश्किल हो रहा है। कक्षा-कक्ष में पढ़ाई करते समय गर्मी से बच्चों के कपड़े तक पसीनों से पूरी तरह भीग जाते हैं।
छात्र घर जाकर अभिभावकों से कक्षा-कक्षों में पंखे नहीं होने के कारण गर्मी से परेशान होने की शिकायत करते दिखाई देने लगे हैं। कुछ अभिभावक तो गर्मी को देखते हुए बच्चों की स्कूल से छुट्टी तक करवा देते हैं। अभिभावकों का कहना है कि गर्मी इतनी तेज है कि घरों में लगे कूलर-पंखे भी राहत नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में कक्षा-कक्षों में पंखों के अभाव में छात्रों का ठहरना तक मुश्किल हो रहा है। प्रधानाध्यापकों का कहना है कि बिजली समस्या के बारे में अधिकारियों को अवगत करा दिया। कनेक्शन के लिए कोई अतिरिक्त बजट भी नहीं आता है। (नि.सं.)
आषाढ़ में इस बार जेठ के महीने सी भीषण गर्मी के चलते पंखे-कूलर भी गर्मी से राहत नहीं दे पा रहे हैं। तापमान भी 40 तक पहुंच रहा है। इसके अलावा उमस ने हाल-बेहाल कर रखा है। वहीं दूसरी ओर स्कूलों में बिजली-पानी की समुचित सुविधा नहीं होने से विद्यार्थियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। रही सही कसर बिजली कटौती व फॉल्ट ने पूरी कर रखी है। अधिकारियों का बच्चों की तकलीफ की ओर ध्यान नहीं है। पूर्व की तरह समय परिवर्तन की मांग उठने लगी है।
जानकारी के अनुसार जिले की 70 फीसदी सरकारी विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन नहीं है। सबसे ज्यादा हालात प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के हैं। इससे नन्हे-मुन्ने बालकों को खासी परेशानी हो रही है।
ग्रामीण क्षेत्र में तो निजी स्कूलों के हालात भी ज्यादा अच्छे नहीं है। इन दिनों गर्मी व उमस के कारण कूलर-पंखे भी फेल हैं। ऐसे में ऐसे में विद्यालयों में बिना कूलर-पंखों के पढ़ाई करने वाले बालकों की हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है। गर्मी व उमस के चलते बच्चे बीमार हो रहे है। उल्टी व चक्कर आने की समस्या आए दिन सामने आ रही है।
दो पारी स्कूलों में अधिक परेशानी
जिले के कई उच्च माध्यमिक विद्यालय दो पारियों में संचालित है। ये स्कूल छोटे बच्चों के लिए अधिक दुविधा खड़ी कर रहे हैं। छोटे बच्चों को दूसरी पारी में बुलाया जाता है। ऐसे में कड़ी धूप में उन्हें आना-जाना व पढऩा पड़ता है। जिला मुख्यालय पर रेलवे स्कूल, रामकरण जोशी, गांधी चौक आदि स्कूलों का ऐसा ही हाल है। इधर, डीईओ ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि गर्मी व उमस के कारण बच्चों को परेशानी तो होती है। ऐसे में जिला प्रशासन से बात करकर शीघ्र राहत दिलाई जाएगी।





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