कुण्डल. बांदीकुई उपखण्ड के राजकीय आदर्श उ"ा माध्यमिक विद्यालय भांवता-भांवती के कुछ छात्रों की पिटाई के बाद अस्पताल में भर्ती होने मामले में जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक ने प्रधानाचार्य कैलाशचंद्र गुप्ता व पोषाहार प्रभारी रामधन मीना को स्कूल से हटाकर तत्काल डीईओ कार्यालय में उपस्थिति देने के आदेश जारी किए।
वहीं ग्रामीणों ने विद्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। स्कूल की तालाबंदी का प्रयास भी किया, लेकिन कोलवा थाना पुलिस ने समझाकर रोक लिया। इस दौरान स्कूल स्टाफ से कहासुनी भी हुई। बांदीकुई एसडीओ चिमनलाल मीना, जिला शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश शर्मा, एडीईओ डॉ. मनीषा शर्मा, बांदीकुई बीईईओ सम्पतराम मीना आदि ने स्कूल पहुंचकर मामले की जांच की। ग्रामीणों व स्टाफ से पूछताछ की। मौके पर कोलवा थानाप्रभारी शिवराम गुर्जर के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा।
गौरतलब है कि सोमवार को पोषाहार नहीं मिलने की शिकायत विद्यार्थियों को सरपंच से शिकायत करना महंगा पड़ गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत से नाराज प्रधानाचार्य ने ब"ाों की पिटाई कर दी। इसके बाद सात ब"ाों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बाल संरक्षण आयोग ने मांगी रिपोर्ट
राÓय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ब"ाों से मारपीट के मामले में प्रसंज्ञान लेते हुए डीईओ माध्यमिक दौसा को प्रकरण में नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की तथ्यात्मक रिपोर्ट सात दिन में भेजने के निर्देश दिए हैं। आयोग के सहायक निदेशक ने बताया कि पोषाहार नहीं देने की शिकायत सरपंच से करने पर नाराज होकर प्रधानाचार्य द्वारा ब'चों को मुर्गा बनाकर बेरहमी से पिटाई करने की जानकारी को आयोग अध्यक्ष ने गंभीरता से लिया है। मिड डे मील आयुक्तालय ने भी जानकारी ली है।
प्रधानाचार्य के निलम्बन की मांग
पंचायत समिति सदस्य दौलतराम मीना, सरपंच बीरबल बलाई के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रधानाचार्य के निलम्बन की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। अधिकारियों के समक्ष ग्रामीणों ने कईआरोप लगाए। जगदीशप्रसाद मीना ने बताया कि स्कूल में तानाशाही चल रही है। अभिभावकों से एक बोरी चीनी, पंखा, रुपए आदि मांगे जाते हैं। काम से विद्यालय में जाने पर ग्रामीणों को बाहर निकाल दिया जाता है।
ग्रामीणों का कहना था कि छात्रों ने सरपंच से केवल पोषाहार की शिकायत ही की थी, इस पर डण्डे से मारना गंभीर मामला है। स्कूल को पाठशाला की जगह पिटाईशाला बना दिया गया। अधिकारी समझाने लगे तो ग्रामीण बिफर गए और प्रधानाचार्य और एक अध्यापक का हटाने की मांग पर अड़ गए।
बाद में जिला शिक्षा अधिकारी और एसडीएम ने मामले की जांच करवाकर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। ग्रामीणों ने राÓयसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीना से भी मिलकर प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीण भागचन्द जोगी, हीरालाल मीना, रत्तीराम प्रजापत, विक्रम मीना आदि ने कहा कि बाल संरक्षण आयोग का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।
जांच में प्रथम दृष्टया पोषाहार प्रभारी को बदलने के बाद विवाद होने की बात सामने आईहै। पोषाहार नहीं देने जैसी कोई बात नहीं है। शिकायत करने वाले छात्रों से प्रधानाचार्य का पूछने का तरीका उचित नहीं था। मामले की निष्पक्ष रिपोर्ट जिला कलक्टर के समक्ष पेश करेंगे।
ओमप्रकाश शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, दौसा
गर्मी का मौसम होने के कारण हड़बड़ी में ब"ाों का जी मिचला गया। ब्लॉक सीएमएचओ को बांदीकुई अस्पताल मामले की जानकारी लेने के लिए भेजा था, उनसे मिली जानकारी के अनुसार फैक्चर जैसी कोई बात नहीं है।
चिमनलाल मीना, एसडीएम बांदीकुई





No comments:
Post a Comment