जालोर. सुगम सफर का पर्याय माना जाने वाला नेशनल हाइवे जालोर जिले में हादसे का कारण बन सकता हैं। वर्ष 2014 में नेशनल हाइवे-325 का नोटिफिकेशन के बाद बजट आवंटन हुआ तो अब इस हाइवे के लिए काम शुरूहो चुका है, लेकिन एजेंसी की लापरवाही निर्माणाधीन इस हाइवे पर गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं। जालोर से बिशनगढ़ के बीच सीमेंटेड हाइवे के लिए काम चल रहा है और पहाड़पुरा से बिशनगढ़ के बीच लगभग 2.5 किमी सीमेंटेड रोड बनाया जा चुका हैं, लेकिन इस मार्ग पर भीतरी भाग में सरिय छोड़े गए हैं। ये नुकीले सरिये करीब एक फीट तक बाहर निकले हुए हैं और इनकी चपेट में आने पर कोई भी व्यक्ति गंभीर घायल तक हो सकता है। बावजूद इसके एजेंसी इस मामले को हलके में ले रही है।
रात में खतरा अधिक
यह मार्ग सीधे तौर से जालोर जिले को बाड़मेर जिले से जोड़ता है। इस मार्ग पर रात में भी टे्रफिक अधिक रहता है। हाइवे निर्माण के चलते अभी इस मार्ग पर एक तरफा यातायात संचालित है और रात के समय में तो ये सरिये दिखाई तक नहीं देते, जो हादसे का कारण बन सकते हैं।
यहां हालात और भी ज्यादा खराब
बिशनगढ़ और नरसाणा के बीच भी इसी तरह का काम चल रहा है। लेकिन यहां हालात और भी ज्यादा गंभीर है। सीसी का काम पूरा हो चुका है और उस पर पानी का छिड़काव करने के लिए बारदान बिछाए गए हैं, ताकि नमी अधिक समय तक बनी रहे। लेकिन इस चक्कर में ठेकेदार ने सीसी से करीब एक फीट तक बाहर निकले नुकीले सरियों को भी कई स्थानों पर इस कदर ढक दिया है कि ये दिखाई तक नहीं दे रहे हैं, जिससे इनकी चपेट में कोई भी वाहन चालक और विशेष तौर पर दुपहिया वाहन चालक आ सकता है।
यहां रास्ता ही हो गया अवरुद्ध
एनएच पर बरती गई लापरवाही रायथल के ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। रायथल-काठाड़ी फांटे के पास ठेकेदार ने सीमेंटेड रोड तो बना दी, लेकिन उसके पास वाहनों की मुख्य मार्ग तक आवाजाही के लिए बेस तक नहीं बनाया, जिससे वाहन चालकों को दिक्कत हो रही है। ग्रामीण नरेश राजपुरोहित का कहना था कि ठेकेदार को इस बारे में अवगत भी करवाया गया, लेकिन अब सीसी की ऊंचाई अधिक होने से वाहन चालकों को दिक्कत हो रही है।
ज्वाइंट के लिए जरुरी, लेकिन बरती लापरवाही
रोड के दोनों छोर को मजबूती से जकडऩे और बीच के ज्वाइंट को मजबूती प्रदान करने के लिए ये सरिये छोड़े गए हैं। सरिये बाहर की तरह निकले हुए हैं, जिसकी चपेट में कोई भी व्यक्ति या वाहन चालक आ सकता है। जबकि होना यह चाहिए था कि जब तक दूसरे छोर पर सीसीरोड का काम शुरू नहीं होता सरियों को धरातल की तरफ मोड़ दिया जाता।
इनका कहना
नेशनल हाइवे के तहत काम चल रहा है। एक तरफा सीसी रोड का काम भी कई हिस्सों में पूरा हो चुका है और दूसरे हिस्से के साथ इस हिस्से को मजबूती से जोडऩे के लिए सरिए छोड़े गए हैं।
- अभिषेक कुमार, प्रोजेक्ट इंजीनियर





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