पाली. प्रदेश में बुधवार को रोडवेज के अधिकतर कर्मचारी ***** जाम हड़ताल पर रहे। जिसका असर पाली में भी देखने को मिला। पाली व फालना डिपो में इंटक, एटक से जुड़े रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर रहे। उन्होंने बसों को नहीं चलने दिया। जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा तथा पाली-फालना डिपो को करीब साढ़े आठ लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ।
हड़ताल के चलते पाली-फालना डिपो परिसर सूना रहा। हड़ताल की जानकारी नहीं होने से कई यात्री बस स्टैण्ड पहुंच, लेकिन बस नहीं मिलने के कारण बाद में मुंह मांगे दामों पर निजी बसों में यात्रा करनी पड़ी। पाली डिपो की मुख्य प्रबंधक स्वाति मेहता ने बताया कि डिपो की ६५ गाडिय़ा रूट पर प्रतिदिन दौड़ती है। हड़ताल के चलते ६० गाडिय़ां नहीं चल सकी। पांच गाडिय़ां सुबह साढ़े आठ बजे से पूर्व जयपुर रूट पर गई, लेकिन हड़ताल के चलते वे भी अपना निर्धारित रूट पूरा नहीं
कर सकी।
पाली को छह व फालना को ढाई लाख लाख का नुकसान
पाली डिपो की बसें प्रतिदिन करीब २४ हजार ५०० किलोमीटर चलती है। जिसमें १२ हजार के करीब यात्री यात्रा करते है। डिपो को किराए के रूप में करीब छह लाख रुपए की आय होती है। हड़ताल के चलते डिपो को छह लाख रुपए का नुकसान हुआ। वहीं फालना डिपो की मुख्य प्रबंधक रुचि पंवार ने बताया कि डिपो से प्रतिदिन २३ गाडिय़ां रूट पर जाती है। जो करीब १७ हजार किलोमीटर चलती है। इनसे डिपो को करीब साढ़े पांच लाख रुपए की आय होती है। हड़ताल के चलते डिपो की नौ गाडिय़ा सुबह नौ बजे से पहले अहमदाबाद रूट पर चली। शेष गाडिय़ों को पाली, उदयपुर, जालोर आगार में रोक दिया गया। जो गाडिय़ा वापस आई उन्हें ग्रामीण रूटों पर चलाया। हड़ताल के चलते डिपो की गाडिय़ा आठ हजार किलोमीटर ही चल पाई। जिससे डिपो को ढाई लाख के राजस्व का नुकसान हुआ।





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