चूरू.
राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक संघ (रेसला) के बैनर तले लामबंद हुए चूरू, सीकर व झुंझुनूं के शिक्षकों ने बुधवार को कलक्ट्रेट के आगे संभाग स्तरीय धरना देकर अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। सरकार विरोधी नारों से गूंजते परिसर में शिक्षकों ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी। धरने के बाद ज्ञापन देने जा रहे शिक्षकों को पुलिस ने गेट पर रोक लिया।
ऐसे में शिक्षकों व पुलिस के बीच छिटपुट कहासुनी हुई। मगर बाद में प्रतिनिधिमंडल ने अंदर जाकर कलक्टर को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि सरकार कुठाराघात कर रही है। इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। संघ के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष भंवरलाल गुर्जर ने कहा कि जयपुर में शांतिपूर्वक चल रहे धरने को तीन दिन बाद अनुमति नहीं देना सरकार की कायरता को दर्शाता है।जिलाध्यक्ष रामकुमार खीचड़ ने कहा कि शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करने वाली सरकार शिक्षकों की मांगों की अनदेखी कर रही है।
मो. आरिफ खान ने कहा कि जब तक सरकार मांगें नहीं मानेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। झुंझुनूं जिलाध्यक्ष विकास मील ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना बंद करने का विरोध किया। सीकर जिलाध्यक्ष सुभाष लंबोरिया ने सातवें वेतन आयोग का लाभ एक जनवरी २०१६ से दिए जाने की मांग की मजबूत पैरवी करते हुए इसे तर्कसंगत बताया। धरने को शिवभगवान सिद्ध, बिशनलाल कटारिया, दिनेश बरवड़, सुभाष मीणा, मुकेश निठारवाल, मोहन लाल अर्जुन, प्रताप ढाका, हरफूल मीणा, बलदेव ढाका, नंदलाल बौद्ध व रामकुमार स्वामी आदि ने संबोधित किया।
घेराव की चेतावनी
चूरू. राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत का उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा कार्यालय के आगे धरना बुधवार को भी जारी रहा। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष भंवरलाल कस्वा ने उप निदेशक को ज्ञापन सौंपकर अवगत करवाया कि गत एक माह से कार्यालय के आगे धरना चल रहा है। इसके बावजूद सरकार व विभाग ने कोई संवेदन शीलता नहीं दिखाई है। अब मजबूरन शिक्षक आगामी ३० जुलाई को कार्यालय का घेराव करेंगे।





No comments:
Post a Comment