लालसोट। दौसा जिले के लालसोट उपखण्ड रामगढ पचवारा थाना क्षेत्र के कोलीवाड़ा गांव में गत 1 जुलाई की रात्रि को हुए लक्ष्मण मीना हत्याकांड का पुलिस प्रशासन ने एक सप्ताह के भीतर ही खुलासा करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस का कहना है कि मृतक लक्ष्मण मीना द्वारा करीब डेढ माह पूर्व उसके पुत्र के दोस्त धोल्या मीना के साथ बेरहमी के साथ की गई मारपीट की घटना का बदला लेने के लिए धोल्या मीना ने अपने दोस्तों के साथ मिल कर इस घटना का अंजाम दिया है।
रामगढ पचवारा पहुंचे एएसपी सुरेन्द्र सिंह ने पत्रकारों के समक्ष मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक लक्ष्मण मीना का पुत्र विश्राम उर्फ रसाली हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता रामकिशोर उर्फ धोल्या मीना का दोस्त है और गत 24 मई को शराब के नशे में मृतक का पुत्र रसाली, धोल्या, गुड्डू शर्मा व रमेश मीना लक्ष्मण के घर गए थे। जहां मृतक व उसके पुत्र रसाली के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया,जिसके बाद रसाली, गुड्डू व रमेश तो तो मौके से भाग छूटे और धोल्या को लक्ष्मण मीना व उसके परिजनों ने बेरहमी के साथ मारपीट करते हुए एक हाथ व एक पैर तोड़ दिए।
घटना के बाद धोल्या ने लक्ष्मण मीना से बदला लेने की ठान ली और धोल्या ने अपने दोस्तों की मदद से इस हत्याकांड को अंजाम दिया। एएसपी सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि इस जघन्य हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता धोल्या व उसके साथ रमेश मीना पुत्र रंगलाल निवासी कोलीवाड़ा, रामोतार पुत्र भगवानसहाय मीना निवासी ढोलावास, राजेन्द्र कुमार पुत्र रामगोपाल मीना निवासी ढोलावास को गिरफ्तार कर लिया है और चार अन्य जने भी फरार है।
गौरतलब है कि गत 1 जुलाई की रात्रि को मृतक लक्ष्मण मीना कोलीवाड़ा गांव में अपनी दुकान पर सो रहा था, जिसकी अज्ञात जनों ने सिर व हाथ पर वार करते हुए निर्मम हत्या कर दी थी। घटना के बाद गुस्साएं ग्रामीणों ने हत्यारों की गिर$फ्तारी की मांग को लेकर शव के साथ दो दिनों तक धरना प्रदर्शन करते हुए प्रशासन को शव का पोस्टमार्टम भी नही करने दिया था।





No comments:
Post a Comment