अजमेर
राजस्थान लोक सेवा आयोग के नवनियुक्त सदस्य रामूराम राइका ने कहा कि कामकाज में गति और आयोग के सशक्त बनाने के पूरे प्रयास होंगे। यह बात उन्होंने बुधवार को पत्रिका से फोन पर बातचीत में कही। राइका ने कहा कि वे मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मिलकर चर्चा करेंगे। इसके बाद आयोग में पदभार संभालेंगे। आयोग प्रतिष्ठित संस्था है। इसमें कामकाज में गति लाना, भर्ती परीक्षाओं के नियमानुसार आयोजन और अन्य परम्पराओं का निर्वहन किया जाएगा।
राजस्थान लोक सेवा आयोग में लम्बे अर्से बाद सदस्य की नियुक्ति हुई है। सरकार ने रामू राम राईका को सदस्य नियुक्त किया है। वे जल्द ही पदभार संभालेंगे। उधर आयोग को 61 दिन से स्थाई अध्यक्ष का इंतजार है। इसके लिए निगाहें सरकार पर टिकी हैं।
वर्ष 1949 में राजस्थान लोक सेवा आयोग सेवा का गठन किया गया था। इसका कार्य निर्धारण राजस्थान लोक सेवा आयोग नियम एवं शर्तें 1963, राजस्थान लोक सेवा आयोग ( शर्तें एवं प्रक्रिया का मान्यकरण अध्यादेश -1975, नियम-1976) के तहत हुआ है। इसमें अध्यक्ष सहित सात सदस्य होते हैं। आयोग में बीते वर्ष 5 मार्च को एच. के. खींचड़ और 11 जुलाई को श्याम सुंदर शर्मा के अध्यक्ष (तब सदस्य) बनने के बाद दो सदस्यों के पद रिक्त थे। सरकार ने रामू राम राइका को सदस्य नियुक्त किया। वे जल्द पदभार ग्रहण करेंगे।
अभी भी एक सदस्य का पद रिक्त
मौजूदा समय डॉ. आर. डी. सैनी, के. आर. बागडिय़ा, राजकुमारी गुर्जर, श्याम सिंह राठौड़ और सुरजीतलाल मीणा ही सदस्य हैं। छठे सदस्य रामोराम राइका होंगे। सरकार को आयोग में सातवें सदस्य की नियुक्ति भी करनी होगी।
स्थाई अध्यक्ष का इंतजार
सरकार ने 17 दिसम्बर को डॉ. राधेश्याम गर्ग को अध्यक्ष नियुक्त किया था। नियमानुसार अध्यक्ष अथवा सदस्य 62 साल की उम्र तक ही पद पर रह सकते हैं। इस लिहाज से पूर्व अध्यक्ष डॉ. राधेश्याम गर्ग का कार्यकाल 1 मई को खत्म हो गया। सरकार के स्थाई अथवा कार्यवाहक अध्यक्ष की नियुक्ति आदेश नहीं देने पर डॉ. गर्ग पद त्याग (रिलेंक्विश) कर चले गए। इसके बाद 61 दिन बीत चुके हैं। मगर सरकार ने स्थाई अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं की है।





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