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सिरोही के जनाना अस्पताल में जल्द शुरू होगा मदर मिल्क बैंक

सिरोही. शहर के जनाना अस्पताल में तैयार मदर मिल्क बैंक यूनिट अगले सप्ताह तक शुरू हो जाएगी। इसे राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञ टीम के निरीक्षण का इंतजार है। इसके बाद हरी झण्डी मिलेगी। अब ऐसे मासूम जिन्हें किसी कारणवश मां का दूध नहीं मिल रहा है, उन्हें यह बैंक दूध उपलब्ध करवाएगा। जनाना अस्पताल परिसर में आंचल मदर मिल्क बैंक को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया गया है। यहां पर डोनर के रूप में आने वाली महिलाओं की काउंसलिंग की जाएगी।

बच्चे के लिए अमृत
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. दर्शन ग्रोवर ने बताया कि मिल्क बैंक का उद्देश्य है कि किन्हीं कारणों से वंचित रहने वाले बच्चों को माता का दूध मिले। यह बच्चों के लिए अमृत ही है। इससे बच्चा कई रोगों से बचता है और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। अस्पताल के पालना गृह व शिशु गृह में आने वाले बच्चों को मदर मिल्क बैंक से दूध मिल सकेगा।

महिलाएं संभालेंगी
मदर मिल्क बैंक में प्रभारी के अलावा सभी कार्मिक महिलाएं ही हैं। बैंक में 6 कार्मिक लगाए हैं। नियुक्त स्टॉफ का प्रशिक्षण अलवर में हुआ था।

यह होगा फायदा
आईसीयू में विभिन्न कारणों से मरने वाले 100 बच्चों में से 16 को यह दूध पिलाकर बचाया जा सकेगा। बच्चे की रिकवरी 40 प्रतिशत तेजी से होती है यानी 10 दिन भर्ती रहने वाला बच्चा 6 दिन में ठीक हो जाएगा।

एक करोड़ लागत
भवन का काम अंतरराष्ट्रीय मानक पर किया है।ऐसे में पूरी यूनिट तैयार करने में करीब एक करोड़ रुपए खर्चा हुआ है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक ब्रेस्ट पंप, मल्टी फंक्शनल स्टरलाइजर, हॉट एयर ओवन, लेमिनर एयर फ्लो एवं सीलिंग मशीन समेत कई उपकरण लगाए जाएंगे।

इनका कहना है...
भवन में मामूली कमी रह गई है। राष्ट्रीय स्तर की टीम निरीक्षण के लिए आएगी। उसमें सब कुछ ठीक रहा तो अगले सप्ताह भवन का शुभारंभ किया जाएगा।
- देवेन्द्र अग्रवाल, चिकित्सा विभाग के राज्य सलाहकार व योग गुरु



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