अलवर. नगर परिषद में मंगलवार से बीटेक व बीएड डिग्रीधारी सफाई कर्मचारी भी झाड़ू निकालते और नालों की सफाई करते मिलेंगे। सोमवार को जिला परिषद में सफाई कर्मचारी भर्ती की लॉटरी में ऐसे कई आवेदक सफल रहे हैं जिनके पास बीटेक, बीएड, बीए व एमए की डिग्री है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद नौकरी नहीं मिलने पर ऐसे अभ्यर्थियों ने आखिर में सफाई कर्मचारी बनने के लिए आवेदन किया था। यहां लॉटरी की प्रक्रिया में उनकी किस्मत ने साथ दिया। आगे सफाई का काम करने की चुनौती सामने है।
456 कर्मचारी मिलने से बड़ी राहत
नगर परिषद को 456 सफाईकर्मी मिलने से बड़ी राहत मिल सकती है। अभी केवल 120 ही स्थाई कर्मचारी हैं। अब संख्या कई गुना बढ़ जाएगी। इसके अलावा तीन जोन में सफाई का ठेका है। डोर टू डोर कचरा संग्रहण भी हो रहा है। अब भी शहर साफ सुथरा न हीं हो सकेगा तो आगे मुश्किल है।
सामान्य वर्ग, ओबीसी व एसटी में एेसे अधिक
सबसे अधिक सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग व अनुसूचित जनजाति के चयनित अभ्यर्थियों में ऐसे सफल आवेदक हैं जिन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रखी है। कुछ अभ्यर्थियों ने इस उम्मीद से आवेदन किया कि नौकरी लग गई तो सफाई की बजाय नगर परिषद के कार्यालय का कोई काम पकड़ लेंगे। कुछ ने ऐसा भी सोच रखा है कि खुद सफाई करने की बजाय दूसरे को जिम्मेदारी दे देंगे। तभी तो खुद नगर परिषद के कर्मचारियों ने अपने बेटे-बेटियों के आवेदन भरवाएं। उनमें से कई सफल भी हो गए हैं।
सामान्य वर्ग में दूसरे अधिक
सामान्य वर्ग की लॉटरी में सभी वर्गों के आवेदकों को शामिल किया गया था जिसके कारण इस वर्ग में भी एससी, एसटी व ओबीसी के ही अधिकतर आवेदक सफल रहे है। सामान्य वर्ग के गिनेचुने आवेदक सफल हो सके जिनमें से काफी उच्च शिक्षा प्राप्त हैं।
350 ले गए नियुक्ति पत्र
नगर परिषद के स्तर से 456 में से 350 को उसी दिन नियुक्ति पत्र थमा दिए। सूचना केन्द्र में सभापति अशोक खन्ना व विधायक बनवारी लाल सिंघल सहित कई जनप्रतिनिधियों ने नियुक्ति पत्र थमाए। मंगलवार को ये कर्मचारी कार्यभार संभाल सकेंगे।





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