कोटड़ा. थाना क्षेत्र के वागावत गांव में साबरमती बांध की नहर के पास छह दिन पहले मिले छात्र के शव का आखिर छठे दिन गुरुवार को अंतिम संस्कार हुआ। पांच दिनों तक शव की बेकद्री को लेकर मानवाधिकार आयोग के दखल के बाद पुलिस चेती। उच्चस्तरीय जांच के आश्वासन पर परिजन माने और अंतिम संस्कार के लिए शव उठाया। शव की बेकद्री का मामला प्रकाश में आने के बाद भी ढुलमुल रवैया अपना रही पुलिस की भागदौड़ उस समय से मचने लगी, जब मानवाधिकार आयोग ने प्रसंज्ञान लिया। कोटड़ा उपखंड अधिकारी महिपाल सिंह, कोटड़ा पुलिस उपअधीक्षक सुनीत शर्मा, कोटड़ा थानाधिकारी देवीसिंह मौके पर पहुंचे। मृतक के परिजनों से समझाइश के प्रयास किए, लेकिन नतीजा नहीं निकला। इसके बाद नयावास सरपंच रायशाराम, सुबरी सरपंच राकेश कुमार और सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद इमरान भी मौके पर पहुंचे और दाह संस्कार का आग्रह किया।
दोपहर 2 बजे पहुंचे पुलिस उपअधीक्षक बृजेश सोनी के समक्ष परिजनों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उपअधीक्षक सोनी ने जांच के लिए पुलिस की ओर से पहल कर, खुलासा करते हुए मामले को परिणाम तक पहुंचाने की बात कही। जांच की जिम्मेदारी कोटड़ा एसएचओ देवीसिंह को सौंपी गई। जांच टीम में झाड़ोल पुलिस उपअधीक्षक निरंजन चारण, कोटड़ा पुलिस उपअधीक्षक सुनीत शर्मा, पानरवा थानाधिकारी मानसिंह को शामिल किया गया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से कहा कि उच्चस्तरीय जांच के बाद भी कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होने पर परिजन अपने स्तर पर कार्रवाई को स्वतंत्रत होंगे। इस आश्वासन के बाद परिजनों में बातचीत का दौर चला। आखिर परिजन अंतिम संस्कार को राजी हो गए। आखिर परिजनों ने शव उठा लिया। अंतिम संस्कार होने तक अहतियात के तौर पर पुलिसकर्मी मौजूद रहे। इधर, थाने पहुंचे सोनी ने हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ की।
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यह था मामला
उल्लेखनीय है कि कोटड़ा कॉलेज में द्वितीय वर्ष के छात्र डूटा पुत्र केसर पारगी का शव 23 जून को निर्माणाधीन नहर में पड़ा मिला था। वह 21 जून से लापता था। शव मिलने के बाद पोस्टमार्टम हो गया, लेकिन हत्या का आरोप लगाते हुए आक्रोशित परिजनों ने शव को पुन: वहीं ले जा रखा था, जहां छह दिन पहले शव मिला था।





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