नैनवां. उपखंड की बालापुरा ग्राम पंचायत के हीरापुर गांव का उच्च प्राथमिक विद्यालय मवेशियों का बाड़ा बना हुआ है। गोबर से सने फर्श पर बैठकर बच्चों को पढऩा और पोषाहार खाना पड़ रहा है। विद्यालय में गदंगी से परेशानी देखते हुए कई अभिभावक तो अपने बच्चों की टीसी कटवाकर दूसरे विद्यालयों में दाखिला करवा चुके है।
जानकारी के अनुसार विद्यालय के चारदीवारी नहीं होने से छुट्टी होते ही मवेशियों का जमावड़ा लग जाता है। सुबह बच्चे व शिक्षक विद्यालय पहुंचते हैं तो बरामदा मवेशियों से अटा और फर्श पर गोबर बिखरा मिलता है। बच्चों व शिक्षक को पहले मवेशियों को बाहर निकालना पड़ता है, उसके बाद गोबर को भी उठवाना पड़ता है। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सोभागमल मीणा ने बताया कि विद्यालय के इस हाल से शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया।
डेढ़ दर्जन बच्चे कटवा चुके टीसी
विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाध्यापक रामेश्वर जाट का कहना है कि सुबह विद्यालय पहुंचते हैं तो विद्यालय परिसर मवेशियों का बाड़ा बना मिलता है। पहले गोबर को उठवाना पड़ता है, उसके बाद विद्यालय संचालित करना पड़ता है। उच्च प्राथमिक विद्यालय होने के बाद विद्यालय में वह अकेला शिक्षक नियुक्त है। विद्यालय मेंं जून माह में 75 बच्चों का नामांकन था। शिक्षक नहीं होने व गंदगी की समस्या से एक माह में ही विद्यालय में पढ़ रहे डेढ़ दर्जन बच्चे टीसी कटवा चुके हैं।
कक्षाएं 8, शिक्षक 1
विद्यालय में शिक्षकों का भी टोटा बना हुआ है। विद्यालय में शिक्षकों के प्रधानाध्यापक सहित 6 पद स्वीकृत है। जिनमें तीन पद द्वितीय लेवल व दो पद लेवल प्रथम के हैं। विद्यालय में दो शिक्षक नियुक्त हैं, उनमें एक शिक्षिका है। शिक्षिका सीमा मीणा के 20 जून से ही प्रसूति अवकाश पर चले जाने से विद्यालय की आठ कक्षाएं एक ही शिक्षक रामेश्वर जाट के भरोसे चल रही है। इससे शिक्षण प्रभावित हो रहा है।
विद्यालय के हाल मवेशियों के बाड़े जैसे बने हुए हैं। विद्यालय के चारदीवारी नहीं होने से परेशानी हो रही है। ग्रामीणों से बात की थी कि जब तक चारदीवारी नहीं बन जाती तब तक जनसहयोग कर बरामदे के तार फेंसिंग करवाएं, लेकिन इसके लिए कोई तैयार नहीं हुआ। शिक्षकों की कमी के बारे में जिला शिक्षाधिकारी को अवगत करवा रखा है।
सीमा कोसर, पीईईओ, बालापुरा ग्राम पंचायत





No comments:
Post a Comment