धौलपुर। बसेड़ी क्षेत्र के गांव बागथर के रहने वाले 4 जनों ने तहसीलदार और पटवारी को गुमराह करते हुए दो अलग-अलग बैंकों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक में रखी भूमि को रहन मुक्त करा लिया। मामला की जानकारी मिलने पर शाखा प्रबंधक एवं तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया। इसके बाद शाखा प्रबंधक ने पूरे मामले की जानकारी उपखंड अधिकारी जय सिंह चौधरी को दी। उपखंड अधिकारी ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किया घपला
पीएनबी ब्रांच के शाखा प्रबंधक देवेंद्र पाठक ने बताया कि बागथर निवासी दुल्ला ने साल 2014 मैं बैंक से तीन लाख 34 हजार रुपए का ऋण लिया था। बैंक का अभी तक उन पर बकाया चल रहा है। लेकिन इस दौरान कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक में प्रस्तुत किए और भूमी को तहसील से ऋण मुक्त करा लिया है। इसके अलावा बड़ौदा ग्रामीण बैंक शाखा जारगा मैनेजर राजेंद्र सिंह ने बताया कि बागथर निवासी रोशन पुत्र दुलिया, लक्खो पुत्र गुलाब व लाखन पुत्र शोभाराम ने शाखा से ऋण लिया था। बैंक से ऋण लेने के बाद तहसील से रहन मुक्त करा लिया।
बैंकों का चल रहा है बकाया
सबसे पहले आरोपियों ने कूटरचित फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद फर्जी दस्तावेदों को प्रस्तुत कर गिरवी रखी जमीन को मुक्त करा लिया। रोशन पर तीन लाख 26 हजार, लखो ने 94हजार 881 तथा लाखन पर एक लाख 38 हजार रुपए का लोन साल 2009 और 2010 में दिया गया था। इसके बाद से तीनों पर बैंक का ऋण बकाया चल रहा है। दोनों ब्रांच मैनेजर से बात करने पर उन्होंने बताया कि इस संबंध में तहसीलदार बसेड़ी को चारों जनों के जमीनी खाते से रहन मुक्त नहीं करने के लिए पत्र लिखित में दिया गया है। साथ ही उपखंड अधिकारी जयसिंह चौधरी को भी इस संबंध में कार्रवाई करने के लिए पत्र दिया गया है।





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