नीमकाथाना. 18 वर्ष पहले पुलिस जवान की हत्या के मामले में अपर जिला सेशन न्यायाधीश गोविंद बल्लभ पंथ ने गुरुवार को दो आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं इस मामले में चार आरोपितों को बरी कर दिया।
अपर लोक अभियोजक एमडी मीना ने बताया कि सीकर जिले के गांव सांवलपुरा शेखावतान निवासी आरोपित बीरबल मीणा व शाहपुरा निवासी आरोपित शंकर लाल मीणा को कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास व 5-5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
सांवलपुरा शेखावतान निवासी प्रभाती उर्फ प्रभो मीणा व आरोपित सुरिया उर्फ श्योनारायण मीणा तथा नयाबास निवासी गुलाबी देवी मीणा व ढाणी कांकड़ वाली निवासी खेमचंद माली को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
ये था पूरा मामला
वर्ष 2000 मार्च माह में सुबह जेल से सीकर पुलिस के जवान कैदी बीरबल मीणा को पेशी पर ले जा रहे थे। इसी दौरान बीच रास्ते में गाड़ी में सवार होकर आए दर्जनभर बदमाशों ने पुलिस पर गोली मार व तलवारों से हमला कर कैदी को छुड़ा ले गए थे। इस दौरान पुलिस का जवान मृतक रामशरण घायल हो गया था। लोगों ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया। जयपुर रैफर करने के दौरान बीच रास्ते में रामशण ने दम तोड़ दिया था।
इस पर पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने एक-एक कर 10 आरोपितों को तो गिरफ्तार कर लिया था। आरोपित बीरबल 2004 में पकड़ा गया। वर्ष 2005 में उसके चार्ज लगा। कोर्ट ने गुरुवार को हत्या के आरोपित बीरबल को दोषी ठहराया है, उसी को ही बदमाश छुड़वाकर ले गए थे।





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