बीकानेर.
वाल्मीकि समाज ने तीन सूत्री मांगों को लेकर निगम कमिश्नर कक्ष के बाहर धरना दिया। कमिश्नर के नाम ज्ञापन में सफाई कर्मचारियों से उनका मूल सफाई कार्य ही करवाने, अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच करवाने आदि की मांगे रखी। समस्त वाल्मीकि समाज के संयोजक विनोद चांवरिया, अध्यक्ष सुनील जावा, शिवलाल तेजी और रतनलाल चांवरिया के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन के दौरान सरकार और कमीशनर के आदेशों की पालना नहीं होने पर भी रोष जताया गया। इस दौरान खास बात यह रही कि जब लोगों ने देखा कि सामान्य नारेबाजी से कोई खास फर्क पडता महसूस नहीं हो रहा है तो उन्होंने नए अंदाज में अपनी बात कही। जिसके बाद तुरंत उनकी सुनवाई हो भी गई।
कमिश्नर की गाड़ी के आगे धरने पर बैठ गए
जावा ने बताया कि सरकार ने सफाई कर्मचारियों से उनके मूल पद के अनुसार ही कार्य लेने के आदेश कर रखे है लेकिन निगम अधिकारी इसकी पालना नहीं कर रहे है। आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर मांगे पूरी करने की मांग की। वाल्मीकि समाज के लोगों ने आयुक्त कक्ष के बाहर ही धरना देकर विरोध जताया। बाद में कमीशनर की गाड़ी के आगे धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान कमीशनर प्रदीप के गवांडे ने वाल्मीकि समाज के लोगों को लिखित में मांगे मानने का पत्र दिया तब उन्होंने गाड़ी के आगे से धरना हटाया।
प्रमाण पत्रों की कमेटी करेंगी जांच
कमिश्नर ने वाल्मीकि समाज को दिए लिखित आश्वासन में नवनियुक्त सफाई कर्मचारियों को सर्किलों और वार्ड में सफाई कार्य में लगाए जाने के आदेश स्वास्थ्य अधिकारी को दिए। वही नवनियुक्त सफाई कर्मचारियों के अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच के लिए निगम स्तर पर कमेटी का गठन करने और कमेटी में वाल्मीकि समाज के दो व्यक्तियों को शामिल करने का आश्वासन दिया। कर्मचारी की ओर से किए गए दुव्र्यवहार की रिपोर्ट प्रस्तुत होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।





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