Breaking News
recent

शहीद मुकुट बिहारी की अंतिम विदाई में उमड़े हजाराें लोग, नम थी हर किसी की आंखें

लड़ानिया। झालावाड़ जिले में खानपुर क्षेत्र के लड़ानिया गांव निवासी सेना के कमाण्डों मुकुट बिहारी मीणा जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा के जंगलों में आंतकवादियों से मुठभेड़ में मौत हो गई थी। मौसम की खराबी के कारण शहीद की पार्थिव देह शनिवार सुबह जयपुर से कोटा, सांगोद होते हुए लड़ानिया गांव पहुंची।

 

पार्थिव देह के सांगोद पहुंचने पर शहीद को अंतिम विदाई देने सांगोद कस्बे सहित आसपास के गांवों से लोग उमड़ पड़े। शहीद मुकुट बिहारी मीणा का पार्थिव शरीर कोटा, सांगोद खानपुर रास्ते से लड़ानिया गांव सुबह 8.20 बजे पहुंचा।

 

शहीद का पार्थिव शरीर जब सांगोद कस्बे में पहुंचा तो शहीद को अंतिम विदाई देने कस्बे सहित आसपास के लोग उमड़ पड़े। जगह जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर शहीद को श्रद्धाजंलि दी।

 

लोग भारत माता के जयकारों के साथ शहीद मुकुट बिहारी मीणा अमर रहे के नारे लगाते चल रहे थे। कस्बे में अंतिम विदाई के दौरान हर किसी की आंखें नम थी। सांगोद कस्बे में अंतिम विदाई के बाद पार्थिव शरीर खानपुर मार्ग से लड़ानिया के लिए रवाना हुआ।

 

लड़ानिया गांव के पास टोल नाके से अंतिम यात्रा घर के लिए रवाना हुई। घर शव पहुंचने के बाद शव यात्रा मुक्तिधाम के लिए रवाना हुई। मुक्तिधाम पर श्रद्धाजंलि स्थल बनाया गया था। वहां पर प्रशासनिक अधिकारियों, सेना के जवानों व जनप्रतिनिधियों ने शहीद को श्रद्धाजंलि दी।

 

शव यात्रा में करीब पांच हजार से ज्यादा लोग शामिल थे। श्रद्धाजंलि सभा में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री बाबूलाल वर्मा, सांसद ओम बिरला समेत स्थानीय विधायक भी पहुंचे। ससबे आश्चर्य की बात यह रही की स्थानीय सांसद दुष्यंत सिंह नहीं पहुंचे।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.