अजमेर
बीएड कॉलेज सम्बद्धता शिविर में बुधवार को अजमेर और भीलवाड़ा के बीएड कॉलेज के सम्बद्धता दस्तावेजों की जांच की गई। उच्च स्तरीय कमेटी ने जांच के अलावा कॉलेज संचालकों से कई जानकारियां भी लीं। शिविर शुक्रवार तक चलेंगे।
सत्र 2018-19 में बीए/बीएससी बीएड और दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम संचालित करने वाले कॉलेज को अस्थाई सम्बद्धता में वृद्धि, नवीन सम्बद्धता देने के लिए शिविर लगाया गया। कमेटी सदस्य प्रो. भारती जैन, प्रो. ऋतु माथुर, डॉ. नागेंद्र सिंह, उप कुलसचिव डॉ. प्रकाश पंकज और अन्य ने अजमेर और भीलवाड़ा के बीएड कॉलेज के दस्तावेजों की जांच की। मालूम हो कि विश्वविद्यालय के क्षेत्राधिकार में अजमेर, टोंक, भीलवाड़ा और नागौर के बीएड कॉलेज हैं।
कम्प्यूटर विभाग करेगा सूचना अपलोड
कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली ने विश्वविद्यालय के कम्प्यूटर विभाग को बीएड कॉलेज से जुड़ी सूचनाएं अपलोड करने को कहा है। पहले सम्बद्धता शिविर में कॉलेज के दस्तावेजों की जांच होगी। इसके आधार कॉलेज में उपलब्ध शिक्षक, भवन, खेल मैदान, हॉस्टल की फोटो, सम्बद्धता प्रपत्र, राज्य सरकार की एनओसी, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की मान्यता आरै अन्य दस्तावेज अपलोड किए जाएंगे।
फोन कराते रहे संचालक
मंगलवार की तरह बुधवार को भी कॉलेज संचालक कुलपति प्रो.विजय श्रीमाली सहित अधिकारियों को फोन कराते रहे। इसके लिए उन्होंने सियासी रसूखात का इस्तेमाल भी किया। बीएड कॉलेज संचालकों में हड़कम्प मचा हुआ है। कई संचालक तो दस्तावेजों की कमियां-खामियां सामने आने से शिविर में नहीं आए। गुरुवार को भी शिविर जारी रहेगा।
पढ़ें यह भी खबर........
लॉ कॉलेज जाएंगे कुलपति
जुलाई अथवा अगस्त में कॉलेज विकास समिति की बैठक में कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली भाग लेंगे। प्राचार्य डॉ.डी. के. सिंह और अन्य सदस्यों से चर्चा करेंगे। कॉलेज में चारदीवारी, खेल मैदान और अन्य संसाधनों के विकास और अन्य विषयों विचार-विमर्श होगा।
संघठक कॉलेज बनाने पर विचार
1 अगस्त 1987 को स्थापित महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय का कोई संघठक कॉलेज नहीं है। जबकि राज्य में राजस्थान विश्वविद्यालय, उदयपुर के एम.एल. सुखाडिय़ा और जोधपुर के जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के संघठक कॉलेज हैं। मदस विश्वविद्यालय ने लॉ कॉलेज की बदहाली को देखते हुए इसका अपना संघठक कॉलेज बनाने की योजना बनाई है। इसका विस्तृत प्रस्ताव बनाकर उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी को भेजा जाएगा। लॉ कॉलेज का यूजीसी के नियम 12 (बी) और 2 एफ में पंजीकरण भी कराने के प्रयास होंगे।





No comments:
Post a Comment