जैतसर.
कस्बे सहित आसपास के गांवों रविवार को हुई तेज बरसात के बाद सूरतगढ़-अनूपगढ़ रेलमार्ग पर सरुपसर जंक्शन से करीब चार सौ मीटर पहले बरसात का पानी रेलवे लाइन को पार कर जाने के कारण रेलवे ट्रेक में तकनीकी खराबी आ गर्ई। जिसके कारण अनूपगढ़ से चलकर बठिण्डा को जाने वाली साधारण सवारी यात्रीगाड़ी को करीब चालीस मिनट तक खड़ी रही। वहीं सूरतगढ़ से अनूपगढ़ को जाने वाली साधारण सवारी यात्री गाड़ी करीब एक घंटा तक सरुपसर जंक्शन पर खड़ी रही।
मिली जानकारी के अनुसार सूरतगढ़-अनूपगढ़ रेलमार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग संख्या सीएफ 26/08 से 26/09 के बीच बरसात का पानी रेलवे लाइन के नीचे की मिट्टी को हटाकर बह गया। जिसके कारण रेललाइन में झुकाव आ गया। जिसके चलते दोनों रेलगाडिय़ों को रेलमार्ग पर ही रोके रखना पड़ा। रेलमार्ग में तकनीकी खामी आने एवं रेलवे ट्रेक की मिट्टी हटने की जानकारी मिलने पर रेलवे की तकनीकी शाखा के अधिकारी मौके पर पहुंचे एवं आनन-फानन में ही मिट्टी एवं कंकर डालकर रेलमार्ग को अस्थाई रुप से दुरस्त किया गया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रेलवे ट्रेक को सुचारु कर दोनों रेलगाडिय़ों को रवाना किया गया।
हो सकता था हादसा
रविवार को हुई बरसात के बाद रेलवे की तकनीकी शाखा विभाग के कर्मिकों की बड़ी लापरवाही सामने आई। बरसात होने के बाद रेलवे की तकनीकी शाखा के अधिकारियों ने रेलवे ट्रेक की जांच ही नहीं की। जिसके कारण रेलमार्ग के ध्ंासने की जानकारी रेलवे कर्मिकों को नहीं हो सकी। सुबह करीब सात बजकर पचास मिनट पर जब अनूपगढ़ से बठिण्डा को जाने वाली साधारण सवारी यात्रीगाड़ी रेलवे क्रॉसिंग संख्या सीएफ 26/08 से 26/09 को पार कर रही थी।
इस दौैरान एक किसान ने रेलवे ट्रेक को धंसे हुए देखकर रेलवे जंक्शन सरुपसर के एसएस सतपाल एवं अन्य अधिकारियों को सूचना दी। जिसके बाद हरकत में आये रेल प्रपशासन ने आनन-फानन में ही रेलवे ट्रेक को सुचारु करने का काम प्रारंभ किया। जिसके कारण दोनों रेलगाडिय़ाँ करीब एक घंटे की देरी से रवाना हुई। वहीं रेलवे ट्रेक के धंसे होने के कारण बड़ा रेल हादसा भी हो सकता था। जो कि क्षेत्र के किसान की सूझबूझ के कारण टल गया।





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