नई दिल्ली। भारत और दक्षिण कोरिया के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को साझा मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को दिल्ली में भारत-कोरिया टेक्नोलॉजी एक्सचेंज केन्द्र की स्थापना की गई। एमएसएमई मंत्री गिरिराज सिंह तथा दक्षिण कोरिया के एसएमई एवं स्टार्ट अप मंत्री हांग जांग हाक ने राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) में इस केन्द्र के स्थापना की घोषणा की। इस केन्द्र की स्थापना से दोनों देशों के एमएसएमई के विकास के क्षेत्र में भारत तथा कोरिया के सहयोग से एक नए युग की शुरूआत होने की उम्मीद की जा रही है।
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भारत तथा कोरिया के एमएसएमई को मिलेगा नया मंच
इस मौके पर गिरिराज सिंह ने कहा कि इस केन्द्र का उद्देश्य भारत तथा कोरिया के एमएसएमई के लिए एक मंच तैयार करना है जहां से दोनों देशों के उद्यम, नवीनतम प्रौद्योगिकी का पता लगाने तथा उसकी पहचान करने में सहायता, प्रबंधन विशेषज्ञता को साझा करने, उत्पाद विकास तथा कार्यशील विकास के लिए प्रौद्योगिकी के प्रयोग में सहायता कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र अंतरिक्ष , सोलर ऊर्जा, नैनो टेक्नोलॉजी तथा दूसरी नई-नई आने वाली टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में भी कार्य करेगा।
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दक्षिण कोरिया में एमएसएमई क्षेत्र काफी विकसित
कोरियाई मंत्री ने कहा कि उनके देश के ठोस औद्योगिक आधार है जिसमें एमएसएमई क्षेत्र को अच्छी तरह से विकसित किया गया है। एडवांस मेन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी, मशीनरी तथा उपकरण, इलेक्ट्रोनिक्स, इलेक्ट्रिकल मशीनरी और उपकरण, रोबोटिक्स आदि के क्षेत्र में उनके एसएमई काफी आगे हैं। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी हस्तातंरण को सुगम बनाने की दिशा में काम करेगा। इस अवसर पर एनएसआईसी ने दोनों देशों की एसएमई इकाइयों को सुविधा प्रदान करने, सहायता करने तथा उन्हें आवश्यक मदद के लिए दक्षिण कोरिया की स्मॉल बिजनेस कार्पोरेशन (एसबीसी) के साथ एक समझौता भी किया।





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