नई दिल्ली। कुछ दिनों पहले तक जब पीएम मोदी ने पकोड़े बेचने को रोजगार कहा था। तो युवाओं ने उनका जमकर विरोध किया था। वहीं कुछ युवा ऐसे भी थे जो पीएम मोदी की बातों से इतने प्रभावित हुए थे की उन्होंने पकोड़े बेचने का कारोबार तक शुरू कर दिया था। लेकिन उनके पकोड़े बेचने का करोबार उन्हीं पर भारी पड़ा गया था, और उन्हें 60,000 का चूना लग गया था। मगर आज हम आपको ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसने अपनी गूगल की अच्छी-खासी नौकरी छोड़ समोसे बेचना शुरू किया और अब कमाता है 50 लाख रुपए।
समोसे बेचकर कमाते है 50 लाख रुपए
बहुत लोगों का सपना होता है की वो गूगल जैसी बड़ी कंपनी में काम कर सके। लेकिन अगर कोई इंसान गूगल जैसी बड़ी कंपनी में जॉब करना छोड़कर समोसे बेचना शुरू कर दे तो वो शायद आपकी नजर में नसमझ से ज्यादा और कुछ भी नहीं होगा। ये भी हो सकता है की आप इस बात को सच भी न मानें। मगर मुनाफ कपाड़िया का एक ऐसा शख्स है जिसने गूगल में जॉब करना छोड़कर समोसे बेचना चूना और आज वो हर साल 50 लाख रुपए से भी ज्यादा कमाते हैं।
छोड़ी गूगल की नौकरी
मुनाफ ने भारत में अपनी एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद कई बड़ी कंपनियों में नौकरी की और फिर विदेश चले गए। मुनाफ ने विदेश में भी कई कंपनियों में इंटरव्यू दिये और उनमें काम किया। फिर एक दिन मुनाफ को गूगल में नौकरी मिल गई। कुछ सालों तक गूगल में नौकरी करने के बाद मुनाफ को लगा कि वह इससे भी बेहतर काम कर सकते हैं। बस फिर क्या था, मुनाफ अपने देश लौट आए।
रेस्टोरेंट का मशहूर फूड आइटम समोसा
मुनाफ ने अपने देश लौटने के बाद रेस्टोरेंट खोलने का प्लान बनाया। फिर कुछ सालों बाद मुनाफ ने द बोहरी किचन नाम का रेस्टोरेंट शुरू किया। मुनाफ अपने रेस्टोरेंट से अब हर साल 50 लाख से भी ज्यादा कमाते हैं। मुनाफ का द बोहरी किचन न सिर्फ मुंबई बल्कि देशभर में मशहूर है। उनके रेस्तरां का सबसे बेहतरीन, लजीज और मशहूर फूड आइटम मटन समोसा माना जाता है। मगर द बोहरी किचन सिर्फ मटन समोसा के लिए ही मशहूर नहीं है, नरगिस कबाब, डब्बा गोश्त, करी चावल समेत ऐसी कई डिशेज हैं जिनके लिए भी “द बोहरी किचन” मशहूर है। कीमा समोसा के अलावा मटन रान भी रेस्तरां का एक मशहूर और लजीज खाना है।





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