भीलवाड़ा
काछोला। सात जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाभार्थी जनसंवाद कार्यक्रम में लाभार्थी सुगना देवी का ससुर रोडू लाल ऐरवाल 20 दिन हो जाने के बाद भी अपने राजगढ़ नहीं पहुंचा। जिससे नाराज ग्रामीणों एवं ऐरवाल समाज के लोगों ने बुधवार को काछोला नायब तहसीलदार के उप तहसील कार्यालय में घेराव कर सरपंच व सचिव के विरुद्ध थाने में मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया।
धरने पर बैठे परिजन
वहीं प्रशासन द्वारा अब तक रोडू की तलाशी को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है इससे नाराज ऐरवाल समाज एवं रोडू के परिजनों ने उप तहसील कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर बैठकर धरना दिया। 3 घंटे की मशक्कत के बाद नायब तहसीलदार नानालाल की समझाइश कर ऐरवाल समाज के लोगों एवं रोडू के परिजन से शीघ्र तलाशी की बात कही तब वह धरने से अपने गांव की ओर लौट गए।
सरपंच व सचिव पर हो मुकदमा
वहीं रोडू की पत्नी व रोडू का पुत्र सुरेश सहित कोटा, बूंदी, बारां, देवली, भीलवाड़ा आदि जगहों से आए ऐरवाल समाज के लोगों ने नायब तहसीलदार नानालाल को बताया कि सचिव लादू लाल चौबे को हमने कहा कि हमारे पिताजी का कहीं अता-पता लगा है क्या। तो चौबे ने परिजनों को कहा कि तुम लोगों ने ही चलानिया भेरुजी के यहां छिपा रखा है। अगर हम ही हमारे पिताजी को छिपा देंगे तो यहां क्यों आंदोलन कर रहे हैं।
सचिव हमें परेशान कर रहा है
इस बारे में हमने मांडलगढ़ के प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत करा दिया है। सचिव हम पर ही आरोप लगा रहा है जबकि सचिव एवं सरपंच एक जिम्मेदारी के साथ हमारे पिता को यहां से ले कर गए थे। अगर पुलिस प्रशासन ने सरपंच व सचिव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज नहीं किया तो भीलवाड़ा जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना दिया जाएगा।
इनका कहना है
रोडू के परिजनों व ऐरवाल समाज के लोगों ने राजगढ़ सरपंच व सचिव पर मुकदमा दर्ज कराने का ज्ञापन दिया है। जिसको मांडलगढ़ तहसीलदार के समक्ष भेज दिया है सचिव द्वारा रोडू के परिजनों पर लगातार आरोप प्रत्यारोप लगाने का भी परिजनों ने आरोप लगाया है। संपूर्ण मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी है। फिलहाल समझाइश कर परिजनों को धरने से उठा दिया है।
नानालाल, नायब तहसीलदार काछोला उप तहसील
प्रशासन सचिव और सरपंच पर मुकदमा दर्ज नहीं कर रहा है, जबकि हमारे पिताजी को यह दोनों ही लेकर गए हैं। घर परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो रहा है। मेरी मां वह मेरी पत्नी के सोने चांदी के आभूषण मैंने बेच दिए हैं। मेरे पिता को ढूंढने में पैसे खर्च हो रहे हैं तो घर का खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा है। 20 दिन बाद भी प्रशासन मेरे पिता का सुराग नहीं लगा पाए हैं और सचिव कह रहा है कि तुम्हारे पिता को तुमने ही छिपा दिया है।
सुरेश कुमार, रोडू का पुत्र राजगढ





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