नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति की बैठक सोमवार को शुरू हो गई। यह बैठक 1 अगस्त तक चलेगी। तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक में ब्याज दरों पर में बदलाव पर चर्चा होगी। बैठक की अध्यक्षता आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार बैठक में अर्थव्यवस्था के हालातों को देखते हुए ब्याज दर घटाने या बढ़ाने का फैसला होगा। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अर्थव्यवस्था के मौजूदा हालातों को देखते हुए आरबीआई ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी कर सकता है।
गिरते रुपए पर भी होगी चर्चा
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा होनी है इसमें रुपए के लगातार गिरना और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी भी शामिल है। जानकारों का मानना है कि मौद्रिक नीति समिति के फैसले पर केंद्र सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने का असर भी दिख सकता है। जानकारों का कहना है कि केंद्र की इस घोषणा से सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। एेसे में केंद्रीय बैंक की ओर से एेसा फैसला लिया जाएगा, जिससे अर्थव्यवस्था पर बोझ न पड़े।
दूसरी बार तीन दिन तक चलेगी बैठक
यह दूसरा मौका है जब आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक तीन दिन तक चलने जा रही है। इससे पहले इसी साल जून में भी मौद्रिक नीति समिति की बैठक तीन दिन तक चली थी। इस बैठक में आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंटस की बढ़ोत्तरी की थी। इस बढ़ोत्तरी के बाद रेपो रेट बढ़कर 6.25 फीसदी हो गया था।
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