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SBI बैंक से 137 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का मामला अाया सामने, तीन कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज

मुंबई। देश के बैंक लगातार धोखाधड़ी के मामले से जूझ रहे हैं। इस सिलसिले में एक बार फिर देश की सबसे बड़ी सरकारी बैंक यानी भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआर्इ) फंसता हुआ दिखार्इ दे रहा है। अब मुंबर्इ में तीन कंपनियों पर एसबीआर्इ से धोखाधड़ी का आरोप लगा है। सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने मंगलवार को कहा कि उसने मुंबई की तीन कंपनियों, एसबीआई (भारतीय स्टेट बैंक) के अधिकारियों और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिन पर बैंक से 136.93 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

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इन कंपनियों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला

सीबीआई के एक अधिकारी ने दिल्ली में कहा कि एजेंसी ने टॉप वर्थ पाइप्स एंड ट्यूब्स प्रा. लि., उसके निदेशक अभय नरेंद्र लोढ़ा, शिशिर शिवाजी हिरय, हर्षराज शांतिलाल बागमार, एसबीआई के तत्कालीन एजीएम त्यागराजू इनामनामलूरी, उप-प्रबंधक विलास नरहर अहिरराव, उप प्रबंधक (बिल) मधुर मंगेश सावंत और अज्ञात सरकारी नौकर और अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए हैं। दूसरा मामला महीप मार्केटिंग प्रा. लि., इसके निदेशक गजेंद्र संदिम, हेमंत संघवी, इनामनामलूरी, अहिरराव, सावंत और अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया।

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लेटर्स आॅफ क्रेडिट का इस्तेमाल सुविधाआें का उठाया लाभ

तीसरा मामला हर्ष स्टील ट्रेड प्रा. लि., इसके निदेशक चेतन जितेंद्र मेहता, महादेव रामचंद्र श्रृंगारे, एसबीआई के तत्कालीन एजीएम जगदीश कुलकर्णी, तत्कालीन उप प्रबंधक सदानंद गिरकर और अज्ञात सरकारी नौकर और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया। इन लेन-देन में एसबीआई को 56.81 करोड़ रुपये, 49.99 करोड़ रुपये और 30.13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सीबीआई के अधिकारी ने कहा कि इन निजी कंपनियों ने एसबीआई की फोर्ट, मुंबई की डीएन रोड शाखा और पीएम रोड शाखा द्वारा जारी किए गए लेटर्स ऑफ क्रेडिट (एलओसी) का इस्तेमाल कर बिल छूट सुविधाओं का लाभ उठाया।



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