नोखा. कस्बे के वार्ड २२ में बजरी खान पर बसी बस्ती में बारिश के दौरान जमींदोज हुए मकान के मलबे से शनिवार को बच्ची के शव को निकाल लिया गया है। करीब २६ घंटे तक चले रेसक्यू ऑपरेशन के बाद जैसे ही ३० फुट नीचे बच्ची का शव बरामद हुआ तो प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
बाद में राजकीय बागड़ी अस्पताल में मां-बेटी के शवों का पोस्टमार्टम करवा गया और उनको परिजनों के साथ गांव सारूण्डा रवाना किया गया। वहीं रेसक्यू ऑपरेशन के दौरान पास ही बने जाकिर का मकान भी जमींदोज हो गया। लेकिन गनीमत रही कि उस वक्त मकान में कोई नहीं था। वहीं इस हादसे के बाद कुलरिया परिवार की ओर से पीडि़त परिवार को दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
रातभर चला बचाव कार्य
गौरतलब है कि शुक्रवार को बारिश के दौरान प्रेम नायक का मकान जमींदोज हो गया था। जिससे मकान के मलबे के नीचे प्रेम नायक की पत्नी तारादेवी, बड़ी बेटी माया और छोटी बेटी ममता दब गई थी। हादसे के थोड़ी देर बाद ही माया को तो सकुशल निकाल लिया गया था। लेकिन तारा देवी व ममता के शव बरामद नहीं हुए थे।
इस पर प्रशासन ने दोपहर १२.३० बजे रेसक्यू ऑपरेशन चलाकर शुक्रवार की रात करीब १०.३० बजे तारादेवी के शव को तो निकाल लिया था। लेकिन ममता का शव बरामद नहीं हुआ था। इस दौरान बारिश आने पर प्रशासन ने रेसक्यू ऑपरेशन को रूकवा दिया था। शनिवार को सुबह ८ बजे ममता के शव को निकालने के लिए फिर से रेसक्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब डेढ़ बजे सात फुट दूर व ३० फुट नीचे जाकर ममता का शव मिला।
बजरी की खानों पर बसी पूरी बस्ती
नोखा के जिस क्षेत्र में यह हादसा हुआ है, उस क्षेत्र में पहले बजरी की खानें हुआ करती थी। बाद में लोगों ने अतिक्रमण करते हुए खान में कचरा व मिट्टी की भराई कर वहां मकान बना लिए। बारिश के दिनों में जैसे ही अच्छी बारिश होती है तो मकानों में दरारे आकर जमीदोंज होने का खतरा मंडराने लगता है। यहां करीब ४०० से ५०० घरों की बस्ती बसी हुई है। लोगों का कहना कि पांच-छह साल से बारिश के दिनों में हर बार यहां हादसा होता है।
पालिका ने कराई मुनादी
नगरपालिका ने वार्ड दो, दस, २१ व २२ में बजरी खानों पर बसे लोगों को वहां से मकान खाली कर पालिका रैन बसेरे में आश्रय लेने की बात कही है। बारिश के मौसम में फिर से ऐसा कोई हादसा घटित ना हो जाए, इसलिए एतिहायत के तौर पर मुनादी भी कराई जा रही है। बस्ती के कुछ लोग मकान खाली कर जाने भी लगे हैं।





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