उदयपुर . ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर शुक्रवार को शुरू हुई देशव्यापी हड़ताल से ट्रकों के चक्के थम गए। उदयपुर में हड़ताल से करीब साढ़े चार हजार गाडिय़ां ट्रांसपोर्ट नगर और ट्रक मालिकों के घर के बाहर खड़ी हो गई। बेमियादी हड़ताल से अकेले उदयपुर जिले में प्रतिदिन 500 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। हड़ताल को टूरिस्ट ट्रावेल्स एसोसिएशन ने भी सांकेतिक समर्थन दिया जिससे दिन में संचालित होने वाली जयपुर, मुम्बई,अहमदाबाद, सूरत की बसें नहीं गई।
हड़ताल को व्यापक रूप देने के लिए शनिवार को प्रतापनगर ट्रांसपोर्ट नगर में संभाग स्तरीय बैठक बुलाई गई है जिसमें ट्रांसपोर्टर और गाड़ी मालिक एकत्रित होंगे और संघर्ष समिति का गठन किया जाएगा। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस में प्रदेश प्रतिनिधि भगवानङ्क्षसह भाटी ने बताया कि सरकार दमनकारी नीतियां अपना कर परिवहन क्षेत्र को बर्बादी के कगार पर पहुंचा रही है। बार-बार मांग करने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई जिससे हड़ताल जैसा कदम उठाना पड़ा। इसके बावजूद सरकार ने मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो हम सभी संगठनों को साथ लेकर हड़ताल को व्यापक रूप देंगे।
इन पर पड़ेगा असर
ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की हड़ताल से जिले में साढ़े चार हजार गाडिय़ां तो यूनियन से जुड़े संभाग के डूंगरपुर, बांसवाड़ा, राजसमंद जिले को मिलाकर 9 हजार गाडिय़ों के चक्के थम गए हैं जिससे एक हजार करोड़ का कारोबार रोजाना प्रभावित होगा। लोडिंग-अनलोडिंग नहीं होने से मार्बल, सॉफ्ट स्टोन, रॉक फॉस्फेट, सीमेंट समेत कई तरह के माल की ढुलाई नहीं हो पाएगी। हड़ताल से सब्जियां, दूध, मेडिकल सामग्री को बाहर रखा गया है।
ये हैं प्रमुख मांगे
- डीजल की दर जीएसटी में शामिल हो
-टोल मुक्त भारत
-तृतीय पक्ष बीमा प्रीमियम में पारदर्शिता
-जीएसटी में छूट
-ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को टीडीएस से मुक्ति
-आयकर अधिनियम की धारा 44 ए ई में अनुमानित आय में कमी
-ई-वे बिल में जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं का निराकरण
-लोकल लेवल पर लोडिंग चार्ज से ट्रक ऑनर को मुक्ति





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