नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव को लेकर सत्ताधारी और विपक्षी पाट्रियां अपने चुनावी अभियान को तेज करने में जुटी हैं। कांग्रेस ने टीएमसी और बसपा को आगे कर भाजपा की राह में रोड़ा डालने का काम कर दिया है। ऐसा कर कांग्रेस ने खुद की दावेदारी के साथ मोदी को हराने के लिए ममता और और मायावती की दावेदारी को जिंदा रखने का काम किया है। यही वजह है कि चुनाव में कौन सी पार्टी जीतेगी और देश का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, यह नतीजे ही बताएंगे लेकिन मौजूदा समय में नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री के तौर पर देश की पहली पसंद हैं। इंडिया टुडे-कार्वी के मूड ऑफ द नेशन जुलाई 2018 पोल के मुताबिक कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए नरेंद्र मोदी से दिल्ली का ताज छीनने में नाकाम रहने वाली है। लेकिन ममता और माया का कांग्रेस से हाथ मिलाने की स्थिति में मोदी के लिए दोबारा पीएम बनना मुश्किल हो जाएगा।
फिर बनेगी मोदी सरकार
मूड ऑफ दी नेशन सर्वे के मुताबिक मोदी देश के पीएम बनेंगे लेकिन विपक्षी एकता मजबूत होने की वजह से भाजपा 2014 जैसी बड़ी जीत दर्ज करती नहीं दिख रही है। 2014 में 282 सीटों की तुलना में इस बार भाजपा को 245 सीटें मिलती दिख रहीं हैं। वहीं कांग्रेस को 82 और अन्य को 215 सीटें मिलने का अनुमान है। एनडीए को 281 सीटें मिलने की उम्मीद है। भाजपा को 30 फीसदी, कांग्रेस को 23 फीसदी और अन्य के खाते में सबसे ज्यादा 47 फीसदी वोट जा सकते हैं। इस बात का खुलासा 97 संसदीय क्षेत्रों और 197 विधानसभा क्षेत्रों के 12,100 लोगों के बीच कराए गए एक सर्वे में हुआ है। यह सर्वे 18 जुलाई, 2018 से लेकर 29 जुलाई , 2018 के बीच कराया गया था।
पीएम के प्रबल दावेदार
मौजूदा राजनीतिक हालात में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के लिए पहली पंसद हैं और 49 फीसदी लोगों ने मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे बेहतर नेता माना है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के लिए बेहतर मानने वाले सिर्फ 27 फीसदी लोग ही हैं। इस लिस्ट में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का भी नाम है जिन्हें ती फीसदी लोगों ने पीएम पद के लिए बेहतर बताया है। प्रियंका गांधी को 3 फीसदी, पी चिदंबरम, अरुण जेटली, अरविंद केजरीवाल को 2-2 फीसदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, बीजेडी नेता नवीन पटनायक, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बीएसपी चीफ मायावती, टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू एक-एक फीसदी लोगों के लिए प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे बेहतर नेता हैं। एक फीसदी लोग ऐसे भी हैं जिन्हें इन नेताओं के अलावा किसी अन्य को प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं।





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