दिल्ली। 2019 लोकसभा को देखते हुए सभी राजनैतिक दल अपनी - अपनी तैयारियों में जुटे पड़े हैं। तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सियासी दांव-पेंच चल रही हैं। सीएम ममता बनर्जी तीन दिन के दिल्ली दौरे पर हैं। आज ममता बनर्जी कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और विपक्ष के अन्य प्रमुख नेताओं से मुलाकात करेंगी। यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनकी मुलाकत शाम 6 बजे हो सकती है। वह उन्हें अगले साल 19 जनवरी को कोलकाता में अपनी रैली में शामिल होने के लिए आमंत्रित भी करेंगी।सोनिया गांधी से यह मुलाकात फेडरल फ्रंट बनाने की कवायद का हिस्सा माना जा रहा है। कयासें लगाई जा रही है कि सीएम ममता एनआरसी ड्राफ्ट पर भाजपा को घेरने के लिए विपक्षी दलों से सहयोग मांगेंगी। वहीं मुख्यमंत्री बनर्जी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी मिल सकती हैं। बता दें कि अगले साल 19 जनवरी को कोलकाता में विशाल रैली होने जा रही है। उनकी इस रैली का मकसद विपक्षी एकता का प्रदर्शन है। वह विपक्षी नेताओं को रैली में आने को न्योता भी दे रही हैं। गौरतलब है कि दीदी ने पहले ही संवाददाताओं से कहा था, “2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का मुकाबला करने के लिए सामूहिक नेतृत्व होगा। मैं सभी विपक्षी नेताओं से मुलाकात करूंगी और उन्हें रैली के लिए आमंत्रित करूंगी।
राजनाथ सिंह से की मुलाकात
दिल्ली पहुंचीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को यहां एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान शरद पवार की बेटी और एनसीपी नेता सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं।
TMC chief Mamata Banerjee met NCP leaders Sharad Pawar and Supriya Sule in delhi , earlier today. pic.twitter.com/N6P98sPWbC
— ANI (@ANI) July 31, 2018
वहीं असम के राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के मुद्दे पर दीदी ने केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की है। इसके बाद गृह मंत्री ने ट्वीट कर दोनों के बीच हुई बातचीत की जानकारी दी।
I told her that the draft NRC had been published in accordance with the provisions of Assam Accord and as per decisions taken in a tripartite meeting on February 05, 2005 between the Centre, State Government of Assam and All Assam Students Union to update NRC, 1951.
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) July 31, 2018
उल्लेखनीय है कि एनआरसी पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुलकर विरोध कर रही हैं। उधर ममता बनर्जी लगातार मोदी सरकार के खिलाफ मुखर हो रही हैं। विपक्ष के नेताओं से मुलाकात करने का ममता का मकसद 2019 लोकसभा चुनाव में विपक्ष को मोदी सरकार के खिलाफ लामबंद करने का है





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