जैसलमेर. जैसलमेर के सबसे व्यस्त हनुमान चौराहा पर स्थित नेहरू पार्क की तकदीर और तस्वीर दोनों बदलने वाली है। राज्य सरकार ने नेहरू पार्क के सौन्दर्यकरण कार्यों के लिए 278.89 लाख रुपए की भारी भरकम योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। आने वाले दिनों में जैसलमेर नगरपरिषद इसके लिए निविदा प्रक्रिया चलाई जाएगी। काम लेने वाले संवेदक को तीन साल तक बदले स्वरूप में नेहरु पार्क का संचालन और संधारण करना होगा।
नगरपरिषद सभापति कविता खत्री की पहल पर इस संबंध में स्थानीय निकाय विभाग जयपुर को भेजे गए प्रस्ताव पर पिछले दिनों तकनीकी स्वीकृति जारी कर मंजूरी की मोहर लगा दी गई है। साथ ही 278.89 लाख रुपए की राषि भी स्वीकृत की गई है। करवाए जाने वाले कार्यों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा चुकी है।
शाही अंदाज में निखरेगा स्वरूप
-रियासतकालीन मंदिर पैलेस के एकदम पास स्थित नेहरू पार्क को शाही अंदाज में संवारा जाएगा। इसके तहत यहां गड़ीसर की भांति पांच छतरियां लगेंगी।
-यहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। पार्क में रंग-बिरंगे फव्वारे लगेंगे।
-पैदल भ्रमण करने वाले लोगों के लिए यहां पाथ-वेकी सुविधा होगी।
-बताया जाता है कि पार्क में एक छोटा थिएटर भी बनाया जाएगा जहां करीब डेढ़-दो सौ लोगों की बैठक व्यवस्था होगी।
-आगंतुकों की सुविधा के लिए कैंटीन का संचालन भी किया जाएगा।
हरियाली से होगा आच्छादित
नेहरू पार्क को हरा-भरा बनाने पर खास जोर दिया जाएगा। इसके लिए इसके चप्पे-चप्पे में प्लांटेशन होगा और हरी-भरी दूब लगाई जाएगी। बच्चों के लिए आकर्षक तथा विभिन्न आकार-प्रकार के झूलों की सुविधा होने से उनकी पसंदीदा तफरीह स्थली यह पार्क बन सकेगा। इसी तरह से प्रबुद्धजनों को यहां लघु आकार के रंगमंच तथा अध्ययन के शौकीन लोगों को रीडिंग रूम की सुविधा मिलेगी। यहां व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए बाकायदा गार्ड लगाए जाएंगे।
अभी यह हैं हालात
नेहरू पार्क जैसलमेर का रियासतकालीन उद्यान है। सबसे उम्दा लोकेशन पर होने के बावजूद पिछले दो दषकों के दौरान यह उजाड़ और वीरान बना रहा है।बीच के वर्षों में तत्कालीन नगरपालिका की तरफ से लाखों रुपए के विकास और सौन्दर्यकरण के कार्यभी करवाए गए, लेकिन सब निरर्थक साबित हुए। मौजूदा समय में यहां हरियाली का अंश भी कहीं नजर नहीं आता। पशुओं की स्वच्छंद आवाजाही बनी रहती है। चौराहा के दुकानदार यहां अपशिष्ट फैंकते हैं। कई जने शराबखोरी करने यहां पहुंचते हैं। चारों तरफ गंदगी व कचरे के ढेर लगे हैं।कई जनों ने अवैध कब्जे भी कर रखे हैं।
फैक्ट फाइल -
-278.89 लाख की राशि होगी खर्च
-03 साल तक संचालन व संधारण करेगा संवेदक
-85 हजार के करीब है जैसलमेर की जनसंख्या
-08 लाख सैलानी आते हैं हर वर्ष यहां
बाशिंदों व सैलानियों के लिए सौगात
नेहरू पार्क की कायापलट की परियोजना को सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी है, जिससे आने वाले समय में यह जैसलमेरवासियों के साथ यहां घूमने आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन जाएगा।
-कविता खत्री, सभापति, नगरपरिषद जैसलमेर





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