पाली। जिले के नाना थाना क्षेत्र के भीमाणा के निकट डोडा पोस्त तस्कर द्वारा खुद को गोली मारने का मामला तुल पकड़ा जा रहा है। घटना के 30 घंटे बीत जाने के बावजूद परिजनों ने मोर्चरी से शव नहीं उठाया है। परिजनों व समाज के लोगों ने पुलिस पर एनकाउंटर करने का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है।
गुरुवार मध्यरात्रि को पुलिस को जानकारी मिली की नाना थाना क्षेत्र के भीमाणा के निकट पहाडिय़ों के रास्ते कुछ तस्कर जो दो गाडिय़ों में डोडा पोस्त भरकर मध्यप्रदेश से पाली की तरफ प्रवेश कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस द्वारा नाकाबंदी की गई। जिसमें पुलिस ने तस्करों की गाडिय़ों का पीछा करने लगी। इस दौरान एक लोडिंग वाहन का टायर फट जाने के बाद तस्कर मौके से भाग निकले। इसके बाद पुलिस ओर डोडा तस्करों के बीच 11 घंटे तक चोर-पुलिस का खेल चलता रहा। तस्कर आगे-आगे और पुलिस की टीम पीछे-पीछे। आखिरकार एक तस्कर हाथ लगा और दूसरे बाड़मेर के हिस्ट्रीशीटर खरताराम ने पुलिस को हट जाने की चेतावनी देते हुए खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
जिसमें खरताराम की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि दोनों सौ मीटर की दूरी पर आमने-सामने थे। इसके बाद पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश जो अन्य अधिकारियों के साथ घटना स्थल पहुंचकर जांच करते हुए शव को पाली के बांगड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। इसके बाद शुक्रवार रात को मृतक के परिजन व समाज के लोगों ने जाट छात्रावास में सामुहिक चर्चा करते हुए पुलिस पर एनकाउंटर करने का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग करने लगे।
मृतक के परिजनों व समाज के लोगों ने पुलिस पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग उठाई
इधर, शनिवार को बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी में मृतक खरताराम का शव को 30 घंटे से पड़ा है। वहीं दूसरी ओर परिजनों व समाज के लोगों ने शामिल होकर जिला कलक्टर सुधीरकुमार शर्मा व पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश से मिलकर पुलिस पर हत्या का मामला दर्ज करने, मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने व सीबीआई जांच करवाने सहित कई मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।





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