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सरकार की तिजोरी में बंद है साढ़े 39 हजार परिवारों के 47.45 करोड़ रुपए

राकेश कुमार गौतम

चूरू.

स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को बाहरी शौच मुक्त बनाने के लिए जिले में जोर-शोर से अभियान चलाया गया था। बाहरी शौच मुक्त बनाने के लिए लोगों ने भी प्रशासन का पूरा सहयोग किया। रुपए नहीं होते हुए भी लेनदेन कर शौचालन बनवा लिए। नतीजा राज्य व केन्द्र सरकार ने जिले के ग्रामीण क्षेत्र को संपूर्ण ओडीएफ का तमगा दे दिया। ओडीएफ का गुणगान आज पूरे देश में हो रहा है। लेकिन एक हकीकत यह भी है कि जिले में 39544 ऐसे परिवार हैं जिन्हे शौचालय बनाने के बाद आज तक रुपए नहीं मिले। ऐसे में उक्त परिवारों के 47 करोड़ 45 लाख 28 हजार रुपए

सरकार की तिजोरी में बंद है।


करीब तीन साल से सरकारी दफ्तारों के चक्कर काटते-काटते उक्त परिवार के लोगों के कई जोड़ी जूते-चप्पल घिस गए। लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही। जिले के पंचायत राज मंत्री के होते हुए भी यह काम नहीं हो रहा। ऐसे में अब लोग शौचालय की राशि की आस छोडऩे लगे हैं। लोगों का कहना है कि पंचायत राज मंत्री जब नहीं दिला पा रहे तो आने वाली सरकार से उम्मीद करना ढाक के तीन पात जैसा ही है।


गलती प्रशासन की भुगत रहे लोग

 

गौरतलब है कि जिला परिषद की ओर से 2012 में शौचालयों के लिए बेस लाइन सर्वे कराया गया था। सर्वे के दौरान करीब 22816 परिवारों के नाम दो से तीन बार जोड़ दिए गए। यहां तक कुछ लोगों के नहीं होने पर भी उनके नाम जोड़ दिएगए। लेकिन हजारों वास्तविक परिवारों के नाम छोड़ दिए गए। उन्हे पता भी नहीं था का उनका नाम सर्वे में शामिल है या नहीं। लेकिन उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों के कहने पर 12 से 20 हजार रुपए खर्च कर शौचालय बनवा लिए।लेकिन शौचालय के पेटे उन्हे मिलने वाले १२ हजार रुपए नहीं मिले।

 

नहीं आएगा अधिक खर्च

 

हालांकि सरकार को इतने रुपए एक साथ नहीं देने पड़ेंगे चूंकि बेस लाइन सर्वे के दौरन करीब 22816 नाम गलत जुड़ गए थे जिनकी स्वीकृति भी जारी कर दी गई थी। ऐसे में प्रशासन के पास इतने शौचालयों के रुपए शेष हैं। यदि सरकार 39544 परिवारों को शौचालय की राशि देने की स्वीकृति प्रदान करती है तो 16628 परिवारों के लिए ही बजट देना पड़ेगा।


''सर्वे में कुछ कमियों की वजह से मूल परिवारों के नामों में गड़बड़ी होने से वास्तविक लाभार्थियों को रुपए नहीं मिल पाए। रिपोर्ट राज्य व केन्द्र सरकार को भेज दी गई है। जल्द ही रुपए आ जाएंगे। इसके लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है।''
हरलाल सहारण, जिला प्रमुख, चूरू


''जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिन परिवारों ने शौचालय बनवाए हैं। उनमें से सभी पात्र परिवारों को योजना के अनुसार मिलने वाला अनुदान दिलवाया जाएगा। चूरू जिले का जो मामला है वह केन्द्र सरकार के पास स्वीकृति के लिए भिजवा दिया गया है। संबंधित मंत्रालय से भी नियमित संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही रुपए दिलवाए जाएंगे।''
राजेन्द्र राठौड़, पंचायत राज मंत्री, राजस्थान



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