नोखा. कस्बे के वार्ड २२ में नर्सिंग सेंटर के पास बुधवार को फिर से बजरी की खान धंस गई। गनीमत रही कि यहां पर कोई मकान नहीं होने से जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। बजरी की खान धंसने की सूचना मिलते ही एकबारगी बस्ती के लोगों में दहशत फैल गई। बाद में लोगों ने मौके पर पहुंचकर देखा तो किसी तरह का जानमाल का नुकसान नहीं होने पर राहत की सांस ली। गौरतलब है कि इस इलाके में बजरी की खानों पर पूरी बस्ती बसी हुई है और यहां पर करीब ४०० से ज्यादा परिवार मकान बनाकर रह रहे है। यहां पर ४० दिन में खान धंसने की तीसरी बार घटना हुई है।
इससे पहले २९ जून को बारिश के दौरान वहां प्रेम नायक का मकान जमींदोज हुआ था, जिसमें मां-बेटी की मौत हो गई थी। बाद में २३ जुलाई को मोहम्मद साजिद का मकान जमींदोज हुआ था लेकिन उस वक्त भी गनीमत रही कि मकान जमींदोज होने के दौरान मकान में कोई मौजूद नहीं था। जमीन में दरारे आने पर सुबह ही परिवार के लोगों ने मकान को खाली कर दिया था और शाम को मकान जमींदोज हो गया था। इस इलाके में बार-बार बजरी की खान धंसने की हो रही घटनाओं से भी जिम्मेदार कोई सबक नहीं ले रहे है, ना ही इसके लिए कोई ठोस कदम उठाए जा रहे है। जबकि यहां बारिश के दिनों हर साल हादसे होते हैं और दर्जनों लोगों की मौत भी हो चुकी है।
पेयजल लाइन टूटने से सड़क पर व्यर्थ बहा पानी
पांचू. कस्बे से राजस्व ग्राम सरह पांचू जाने वाली सड़क पर अस्पताल के पास पेयजल पाइप लाइन टूटने के कारण पानी व्यर्थ बह रहा है तथा सड़क पर भारी मात्रा में पानी जमा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जलदाय विभाग के कर्मचारी समय पर ध्यान नही देते है। इससे पानी की बर्बादी हो रही है। जहां कस्बे में जलापूर्ति सुचारू नहीं होने के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। सड़क पर पानी की बर्बादी देखकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।





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