श्रीकरणपुर.
भारत-पाक सीमा पर यूं तो करोड़ों रुपए खर्च कर बड़ी फ्लड लाइट्स से रात को निगरानी की जा रही है। क्षेत्रीय विधायक व राज्यमंत्री सुरेन्द्रपालसिंह टीटी भी विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों के विकास का दावा करते हैं लेकिन महज 12 लाख रुपए के बजट के अभाव में 1971 के भारत पाक युद्ध में हमारे जांबाज सैनिकों की बहादुरी व वीरता का प्रतीक शहीद स्मारक व दुर्गा मंदिर आज भी अंधेरे में है। तारबंदी के निकट धोरों पर बने इस स्मारक में विजय दिवस व नवरात्र में होने वाले विशेष आयोजन के अलावा भी ग्रामीणों की आवाजाही रहती है, लेकिन विद्युत उपलब्धता नहीं होने से रात को परेशानी आती है।
मंत्री ने दिलाया था भरोसा मगर....
गांव नग्गी के पूर्व सरपंच रणजीत साहू, वार्ड पंच शिवभगवान मेघवाल व पंचायत समिति सदस्य बुधराम सहित अन्य ग्रामीणों ने इस संबंध में विद्युत निगम के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया। कार्यवाही नहीं होने पर उन्होंने करीब चार माह पहले पंचायत समिति में उपभोक्ता शिकायत निवारण शिविर में खान राज्यमंत्री सुरेन्द्रपालसिंह टीटी को ज्ञापन सौंपा था। उस समय राज्यमंत्री ने ग्रामीणों को समस्या के समाधान का भरोसा दिलाते हुए विद्युत अधिकारियों को शीघ्र समस्या हल करने के निर्देश दिए थे।
हैरानी वाली बात है कि इस दिशा में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि जनसहयोग से काफी समय पहले वहां सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया गया लेकिन यह कामयाब नहीं हुआ। ग्रामीणों के अनुसार बटालियन के उच्चाधिकारियों ने यहां उसी स्थान पर शहीद स्मारक व मां दुर्गा का मंदिर बनवाया, जहां माइंस की चपेट में आकर 21 अधिकारी व जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। अब प्रतिवर्ष 28 दिसम्बर को यहां मेला भरता है। इसमें शहीद सैनिकों के परिजन, सेना के अधिकारी व आसपास के लोग शामिल होते हैं। नवरात्र के दौरान यहां मां दुर्गा की पूजा अर्चना भी की जाती है।
शहीद स्मारक व मंदिर के निकट फ्लड लाइट्स के लिए स्पेशल विद्युत लाइन है लेकिन यह केवल बीएसएफ के अधीन है। सुरक्षा के मद्देनजर इसमें से कनेक्शन नहीं लिया जा सकता। मंदिर में विद्युत कनेक्शन के लिए गांव से अलग लाइन डाली जा सकती है। इसके लिए 12 लाख रुपए खर्च आने की संभावना है, जो विद्युत निगम के पास नहीं हैं। राज्यमंत्री टीटी ने बीएडीपी के तहत बजट जारी करने के लिए बीडीओ को निर्देश दिए थे। बजट मिलने पर ही विद्युत कनेक्शन हो सकेगा।
पुष्पेन्द्रसिंह, एईएन विद्युत निगम श्रीकरणपुर।





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