सीकर. शहर में गुरुवार को एक बार फिर गैंगवार की गूंज सुनाई दी। यहां झुंझुनूं बाईपास पर एक दुकान में बैठे ठेहट गिरोह के मनोज ओला को गोलियां मारी गई। ओला के 6 गोलियां लगी हैं और उसे गंभीर अवस्था में जयपुर रैफर किया गया है। मनोज ओला सदर थाने का हिस्ट्रीशीटर है और कुख्यात बदमाश राजू ठेहट का साथी है। वारदात के पीछे आनंदपाल गिरोह के बदमाश सुभाष बराल का हाथ बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक हिस्ट्रीशीटर मनोज ओला गुरुवार शाम झुंझुनूं बाईपास पर स्थित अपने एक परिचित के डिपार्टमेंटल स्टोर पर सामान लेने आया था। वह वहां बैठे युवक से बात कर रहा था तभी एक अल्टो कार में सवार होकर बदमाश वहां पहुंचे। बदमाशों ने गाड़ी रोड के दूसरी तरफ खड़ी की और पैदल ही दुकान के अदंर गए। वहां जाते ही उन्होंने मनोज ओला से नाम पूछा और उस पर फायरिंग शुरू कर दी।
मनोज को 6 गोलियां मारी। जिनमें से चार गोलियां उसकी जांघों पर लगी हैं और दो सीने में। उसे तुरंत ही एसके अस्पताल लाया गया जहां से जयपुर रैफर कर दिया गया। सूचना पर उद्योग नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बदमाशों की धरपकड़ के लिए जिलेभर में नाकाबंदी करवाई। एसपी प्रदीप मोहन शर्मा व एएसपी डॉ तेजपाल सिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस मान रही है कि सुभाष बराल का इस वारदात में हाथ है।
पत्रिका लाइव: गुटखा मांगा, पूछा मनोज तू ही है क्या और चला दी गोलियां
दुकान में मौजूद युवक ने बताया कि मनोज ने आकर उससे कहा कि उसे कुछ सामान लेना है। उसने मनोज को कहा कि बैठो मैं बाथरूम जाकर आता हूं। इसी दौरान दो युवक आए और कहां की गुटखा लेना है। बातचीत के दौरान ही उन्होंने कहा कि मनोज ओला तूं ही है क्या। इतना कहते ही एक युवक ने अपनी जेब से पिस्टल निकाली और फायर करने शुरू कर दिया। वह भागकर सामने आया तो बदमाशों ने कहा कि हटो वरना गोली मार देंगे। दोनों युवक रोड के दूसरी तरफ भागे और कार में बैठकर चले गए।
इलाके में फैली दहशत
अचानक हुई इस वारदात से इलाके में दहशत फैल गई। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि एकबारगी उन्हें लगा की दुकान में शॉर्टसर्किट हुआ है। अचानक दो युवक हल्ला करते हुए दुकान से भागे। तब पता चला कि अंदर गोली चली है। दुकानदार कुछ समझ पाते इससे पहले ही आरोपी भाग निकले।
बराल पर शक की सुई
मनोज ओला काफी समय से राजू ठेहट गैग में सक्रिय है। ठेहट व उसके भाई के जेल जाने के बाद मनोज ही सीकर में उसकी गैंग का काम कर रहा था। इस गैंग की दुश्मनी आनंदपाल गिरोह के सुभाष बराल से है। बराल इससे पहले भी कई बार इस गैंग के लोगों पर फायरिंग करवा चुका है।





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