छोटीसादड़ी. जलोदिया केलुखेडा ग्राम पंचायत के खेरमालिया गांव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में जहां पहले लगभग 200 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत थे। लेकिन जनप्रतिनिधियों व विभाग के अधिकारियों के उपेक्षा व उदासीनता के चलते धीरे-धीरे शिक्षकों का दूसरे विद्यालयों में भेजने व स्थानांतरित किए जाने के चलते प्रथम से आठवीं तक के विद्यार्थियों का भविष्य एक शिक्षिका के भरोसे है। अधिकांश अभिभावकों ने शिक्षकों के अभाव के चलते अपने बच्चों के भविष्य संवारने के लिए स्कूल से निकलवाकर निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने के चलते विद्यालय में अध्ययन करने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन घटती जा रही है। जिसके चलते ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों के उदासीन रवैये व उपेक्षा के चलते सरकारी विद्यालयों में नामांकन घट रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे करती है। वहीं दूसरी ओर निजी शिक्षण संस्थाओं को पिछले दरवाजे से बढ़ावा देने का काम कर रही है। ग्रामीण तोरीरामा नागदा, मोहनलाल नागदा, तुलसीराम नागदा, मुकेश नागदा, कैलाश नागदा, अरविंद नागदा आदि ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा शिक्षकों की कमी के कारण अपने बच्चों को निजी विद्यालय में पढऩे के लिए भेज दिया। जिससे स्कूल में गरीब परिवारों के लगभग 8 5 बच्चे अध्ययनरत हैं। लेकिन शिक्षिका होने के कारण सभी बच्चों को एक साथ बिठाकर बारी-बारी से पढ़ाई करवाती है। जो कि बच्चों पर पूरा ध्यान नहीं दे पाती है। कभी बैठक होने पर या डाक देने जाने के लिए दूसरा कोई और नहीं होने के कारण विद्यालय को ताला लगाना पड़ता है। जिससे बच्चों का भविष्य अंधकार में बना हुआ है। ग्रामीणों ने दो-तीन दिन में और शिक्षक नहीं लगाने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षा विभाग में बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई हल नहीं किया जा रहा है। मजबूरन हमें बच्चों को यहां से दूसरी जगह पढऩे के लिए भेजने को विवश हो रहे हैं।
वही अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षाधिकारी चन्द्र प्रकाश साहू ने बताया कि अन्य शिक्षकों के स्थानांतरण के चलते वर्तमान में एक ही अध्यापिका है। नई भर्ती प्रक्रिया में व शिक्षक आने वाले है जल्द ही शिक्षकों की पूर्ति होने की संभावना है।
चार घंटे तक जाम रहा एनएच 113
पीपलखूंट. पीपलखूंट थाना क्षेत्र में एनएच 113 पर गुरुवार रात को पुलिस नाकाबंदी को देखकर ट्रेक्टर चालक घबरा गया। इससे ट्रेक्टर पलट गया और चालक घायल हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने यहां मार्ग पर जाम लगा दिया। चार घंटे में पुलिस-प्रशासन की समझाइश के बाद जाम खोला गया। इस दौरान वाहनों की कतारें लग गई। पीपलखूंट थाना पुलिस की टीम नेशनल हाइवे पर नाकाबंदी कर रही थी। इस दौरान खमेरा की तरफ से तेज गति से आ रहा ट्रेक्टर का चालाक बीच सडक़ बैरियर देख घबरा गया। इस दौरान चालक के संतुलन खोने से ट्रेक्टर पलट गया व चालक को चोट आई। घायल चालक को पीपलखूंट अस्पताल इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
यहां हादसा देख नाकाबंदी कर रहे पुलिस के जवान अन्यत्र चले गए। सूचना पर चालक परिजन व ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
एनएच 113 मार्ग जाम कर नाकाबंदी कर रहे जवानों को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। इससे मार्ग जाम कर दिया। इस दौरान सडक के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
सूचना पर पीपलखूंट वृत्ताधिकारी जयदेवसिंह, थानाधिकारी राजेश कटारा, घंटाली थानाधिकारी मोहनसिंह चंद्रावत, सुहागपुरा थानाधिकारी मय जाप्ते मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण पुलिसकर्मियों को मौके पर बुलाने को लेकर अड़े रहे। माहौल गरमाते देख थानाधिकारी ने अन्य आलाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। इस पर अरनोद उपखंड अधिकारी कुलराज मीणा, पीपलखूंट तहसीलदार रामपाल मीणा, एसपी रतनलाल भार्गव, प्रतापगढ़ शहर कोतवाल बाबुलाल मुरारिया व पुलिस बल मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों को समझाइश की गई। इस दौरान पीपलखूंट सरपंच बहादुरसिंह निनामा, नरेन्द्रसिंह, रामा भाई, मनोहर निनामा, संदीप टेलर आदि ने समझाइश की। इस दौरान कुछ लोग विवाद करने लगे। इस पर पुलिस ने सख्ती दिखाई और भीड़ को बिखेरा और रास्ता खुलवाया गया। इसके बाद वाहनों की आवाजाही शुरू करवाई गई।





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