राजसमंद. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भीलवाड़ा के दल ने जमीन का नामान्तरण खोलने की एवज में 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते भीम पटवारी मिठूसिंह रावत को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दो हजार रुपए पहले लेने के बाद टरकाते रहे और बाद में आठ हजार रुपए और देने पर ही नामान्तरण खोलने की बात कही। आरोपित पटवार संघ राजसमंद के जिलाध्यक्ष है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भीलवाड़ा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश गुप्ता ने बताया कि टोगी निवासी कुशालसिंह ने जमीन का उसकी मां व मामा के नाम नामान्तण खोलने के लिए पटवार मंडल में आवेदन किया। इस पर मंडावर (देवगढ़) निवासी भीम व टोगी पटवारी मिठूसिंह पुत्र केसरसिंह द्वारा रिश्वत की मांग की गई। इस पर फरियादी कुशालसिंह ने 2 हजार रुपए दे दिए। फिर भी नामान्तरण नहीं खोला गया। इससे आहत कुशालसिंह ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भीलवाड़ा में शिकायत दर्ज करवाई। एसीबी द्वारा 12 जुलाई को सत्यापन कराया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके तहत पटवारी ने 10 हजार रुपए मांगे, मगर बाद में फरियादी द्वारा कम करने की गुजारिश के बाद 8 हजार रुपए पर सहमति बनी। उसके बाद में गुरुवार को भीम पटवार मंडल में 8 हजार रुपए में रिश्वत ली। फिर फरियादी का इशारा पाते ही एसीबी भीलवाड़ा के सीआई शिवप्रकाश, हैड कांस्टेबल गोपाल जोशी, प्रहलाद, नेमीचंद ने घेराबंदी कर पटवारी को दबोच लिया। साथ ही उसके हाथ धुलवाए, तो रंग उभर आया। एसीबी दल ने रिश्वत की राशि जब्त करते हुए पटवार मंडल की तलाशी लेने के बाद उसे गिरफ्तार कर भीलवाड़ा ले गए, जिसे शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
पटवार संघ का है जिलाध्यक्ष
नामान्तरण खोलने के लिए आठ हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार पटवारी मिठूसिंह जिला पटवार संघ के जिलाध्यक्ष है। इसके अलावा रावत राजपूत महासभा में भी सक्रिय पदाधिकारी है। उल्लेखनीय है कि मिठूसिंह लंबे समय से भीम पटवार मंडल पर कार्यरत है। बताया कि पटवारी बगैर रिश्वत लिए कोई कार्य नहीं करता था।





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