मो. इलियास/उदयपुर. पुलिस के आला अधिकारियों की ओर से छात्रों व चुनाव में खड़े होने वाले संभावित प्रत्याशियों से समझाइश व पाबंदी के बाजवूद उपाध्यक्ष पद के एक उम्मीदवार संदीप धाकड़ ने शहर के भूपालपुरा व प्रतापनगर क्षेत्र में रक्षाबंधन की बधाई के साथ ही अपने नाम लिखे बैनर पोस्टर चस्पा कर दिए। दोनों थानापुलिस ने प्रत्याशी धाकड़ के विरुद्ध सम्पत्ति विरुपण के दो अलग-अलग मामले दर्ज कर उसे जानकारी दी तो वह दौड़ता भागता नजर आया। धाकड़ ने प्रचार प्रसार छोड़ पुलिस के पांव पकड़े गलती मानी और समर्थकों के साथ स्वयं बैनर पोस्टर हटाए। पुलिस का कहना है चुनाव में लिंगदोह कमेटी की सख्ती से पालना करवाई जाएगी। पालना नहीं करने व उल्लंघन करने वाले छात्रों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए जाएंगें। छात्र राजनीति में दर्ज यह मामले उनके जीवन में आगे बढऩे में बाधक बनेंगे, जिनके वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।प्रतापनगर थानाधिकारी डॉ.हनवत सिंह राजपुरोहित ने बताया हेडकांस्टेबल प्रतापसिंह मय जाप्ता गश्त पर थे, उन्हें बोहरागणेश जी व संततरेसा स्कूल के पास बिजली के खम्भे पर सुविवि के उपाध्यक्ष उम्मीदवार संदीप धाकड़ के नाम का का पोस्टर लगा मिला। थानाधिकारी ने एसपी के निर्देश के बाद धाकड़ के विरुद्ध सम्पत्ति विरुपण का मामला दर्ज किया। पुलिस ने मामले के संबंध में धाकड़ को सूचना दी तो उसने गलती मानी तथा अन्य जगहों से पोस्टर बैनर हटाकर पुलिस को जानकारी दी। इसी तरह भूपालपुरा थाने के हेडकांस्टेबल पूनम चंद मय जाप्ते को धाकड़ का ही आयड़ पुलिया स्थित मॉल के सामने पोस्टर लगा मिला। भूपालपुरा थाना पुलिस ने इसका अलग से मामला दर्ज कर उसे जानकारी दी गई। थानाधिकारी हरेन्द्र सिंह सौदा ने बताया कि मामले में अनुसंधान किया जाकर अन्य छात्रों से समझाइश की जा रही है।
खर्च रोकना मकसद, जीवन बर्बाद करना नहीं
- पुलिस लिंगदोह कमेटी की पालना के साथ ही छात्र राजनीति को कॉलेज परिसर तक सीमित रखना चाहती है।
- कॉलेज परिसर के बाहर आमजन का चुनाव से लेना देना नहीं है, छात्रों के हुडदंग से उन्हें परेशानी झेलनी पकड़ी हैं।
- प्रतिवर्ष सड़कों व आम रास्तों पर बैनर पोस्टर लगाकर सरकारी सम्पत्ति सुन्दरता को नष्ट किया जाता है।
- पोस्टर, बैनर हटवाने से छात्रों को इस पर खर्च होने वाला लाखों रुपए भी बचेगा।
- पैसों के अभाव में चुनाव नहीं लडऩे वाले योग्य उम्मीदवार आगे आ पाएंगें।
दर्ज मुकदमा, जीवन में बनेगा बाधक
राजस्थान सम्पत्ति विरुपण निवारण अधिनियम 2003- राजस्थान नगरनिगम क्षेत्र में लागू है। सार्वजनिक स्थान पर किसी भी तरह के बैनर पोस्टर व अन्य लगाना या लिखना प्रतिबंधित है। यह जमानती अपराध है। पहले अपराध में अधिकतम एक माह का कारावास व सौ रुपए कम से कम जुर्माना होगा जो एक हजार तक बढ़ाया जा सकेगा। उपाध्यक्ष प्रत्याशी धाकड़ के विरुद्ध भी दो प्रकरण दर्ज किए गए है। इनमें पुलिस स्वयं परिवादी बनी है।





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