पाली (गिरादड़ा)। निकटवर्ती भांवरी गांव के राजकीय उत्कृष्ट बालिका उच्च
प्राथमिक विद्यालय में पढऩे वाले विद्यार्थियों का भविष्य तीन शिक्षकों
के भरोसे है। स्थिति यह है कि यहां 134 विद्यार्थियों का नामांकन है।
शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा। इसको
लेकर ग्रामीणों मेंं रोष है।
जानकारी के अनुसार प्रथम लेवल के दो पद, द्वितीय लेवल के दो पद व शारीरिक
शिक्षक का एक पद रिक्त होने से छात्राओं की पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है।
अधिकारी इसे नजर अंदाज कर रहे है। ऐसे में कई अभिभावक अपने बच्चों की
टी.सी. ले जाने को या फिर घर बैठाने को मजबूर है।
अभिभावकों ने कहा कि शिक्षक नहीं होने के कारण भांवरी सहित आसपास के गांवों के बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है।
तालाबंदी की चेतावनी
इस विद्यालय में 135 छात्राएं अध्यनरत है पर शिक्षक प्रधानाध्यापक समेत
सिर्फ तीन ही कार्यरत है। इनमें से एक तो डाकए पोषाहार व शाला दर्शन
जैसे कार्य करने में व्यस्त रहते हैं। ग्रामीणों व छात्राओं का कहना है
कि जल्दी ही शिक्षक नहीं लगाए गए तो स्कूल की तालाबंदी करेंगे।
बेटियों की पढ़ाई हो रही खराब
गांव में ही बालिका स्कूल होने कारण अभिभावक बच्चियों को पढऩे के लिए
भेजते है ताकि उन्हें किसी तरह की चिंता नहीं रहे। लेकिन, अब शिक्षकों की
कमी से पढ़ाई खराब हो रही है। इससे सभी चिंतित है।
-श्रवण राठौड़, अभिभावक
नहीं हो रही सुनवाई
काफी समय से विद्यालय में शिक्षक नहीं होने पर मैंने बीइइओ से बात की थी तो उन्होंने जल्दी ही शिक्षक लगाने की बात कही। लेकिन, अभी तक सुनवाई नहीं हुई है।
-गुडिय़ा देवी, अभिभावक व एसएमसी अध्यक्ष
...तो टीसी कटवाएंगे
लम्बे समय से शिक्षकों नहीं है, ऐसे में जल्दी ही शिक्षक नहीं लगाए गए तो हमें टीसी लेकर अन्य स्कूल में प्रवेश
लेना पड़ेगा।
-पूजा देवी, विद्यार्थी
पढ़ाई नहीं हो रही
शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। यहां मात्र तीन शिक्षक कार्यरत है। पढ़ाई होती नहीं है। हम आठवीं बोर्ड में कैसे पास होंगे।
-ललिता राठौड़, विद्यार्थी





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