पलसाना. अजबपुरा गांव में बुधवार को मारपीट से आहत होकर फंदे पर झूलने वाले छात्र का शव लेकर परिजन 25 घंटे तक बैठे रहे। परिजन प्रकरण की निष्पक्ष जांच व आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर छात्र का शव उठाने के लिए राजी हुए। छात्र बद्री प्रसाद कुमावत की मौत के बाद परिजन रातभर अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे रहे। परिजनों की मांग थी कि आरोपी स्कूल संचालक की गिरफ्तारी के बाद ही शव उठाया जाएगा।
इसके बाद समझाइश के लिए सीओ ग्रामीण रघुवीर प्रसाद मौके पर पहुंचे और शव लेने की बात कही। लेकिन, नहीं मानने के बाद दोबारा एसडीएम मनोज कुमार मीणा व सीओ ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। छात्र पक्ष के लोगों से बातचीत कर उन्हें वार्ता के लिए थाने बुलाया गया। शिल्प एवं माटी कला बोर्ड के चेयरमैन हरीश कुमावत, मंडी चेयरमेन प्रभूसिंह गोगावास, माकपा नेता अमराराम, भाजपा नेता डा. बलवंत सिंह चिराना, राजेश चेजारा आदि जन प्रतिनिधि भी धरना स्थल पर आए।
सड़क पर बैठे रहे लोग
दोपहर तक धरने पर बैठे रहने के बाद भी जब कोई सक्षम अधिकारी सुध लेने के लिए नही पहुंचा तो धरने पर बैठे लोग आक्रोशित हो गए और अस्पताल के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग को रोककर सड़क पर बैठ गए। इस दौरान लोगों ने पुलिस और प्रशासन मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।
सीओ को सौंपी जांच
पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन का कहना है कि मामले की जांच सीओ ग्रामीण को सौंपी गई है। निक्ष्पक्ष जांच के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आर्थिक सहायता पर माने परिजन
वार्ता के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने पीडि़त परिवार को प्रशासन की ओर से पांच से दस लाख रूपयों की आर्थिक सहायता देने, स्कूल संचालक को थाने बुलाकर पूछताछ करने व मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर सहमति बनी। स्कूल संचालक और विद्यालय स्टाफ के कई सदस्यों को पुछताछ के लिए थाने में बुलाया गया।
विद्यालय बंद रखने की चेतावनी
घटना पर निजी शिक्षण संस्थान संघ के पदाधिकारी बीएल रणवां सहित अन्य भी रानोली थाने पहुंचे। बिना किसी जांच के स्कूल संचालक को गिरफ्तार करने पर आंदोलन की चेतावनी दी। संघ के पदाधिकारी ने बेवजह गिरफ्तारी करने पर विरोध जताने और थाने के सामने धरना देने के साथ ही शुक्रवार से निजी विद्यालय बंद रखने की बात कही।





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