झालावाड़ ।
राज्य सरकार झालावाड़ की थर्मल इकाई को लेकर बड़ा फैसला लेने जा रही है। झालावाड़ स्थित कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट की तीसरी व चौथी यूनिट को राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में स्थापित करना चाहती है। वहां इसकी संभावनाओं का पता लगाने के लिए पांच उच्चाधिकारियों की एक समिति का गठन किया है।
कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट की तीसरी व चौथी यूनिट को छत्तीसगढ़ में स्थापित करने के लिए समिति वहां मौजूद पानी व जमीन आदि की संभावना का पता लगाकर उच्च स्तर पर अधिकारियों को रिपोर्ट देगी। जबकि झालावाड़ थर्मल की इन दोनों इकाइयों के लिए जमीन अधिग्रहण से लेकर मुआवजा आदि की सभी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। इन इकाइयों के राजस्थान में लगने पर हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
उधर माना जा रहा है कि कोयले की परिवहन लागत को कम करने के लिए संभवत: सरकार इस तरह की संभावना देख रही है। छत्तीसगढ़ में कालीसिंध थर्मल की सुपर क्रिटिकल तीसरी और चौथी यूनिट के 660 मेगावाट के कोल माइन्स के निकट जमीन, पानी की संभावना को तलाशने के लिए विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एनके कोठारी ने पांच सदस्य समिति बनाई है।
समिति का ऑर्डर सीएमडी एनके कोठारी के ओदश से ही जारी हुआ है। फिर वे जानकारी देने से बचते रहे। सूत्रों ने बताया कि इसके लिए प्रथम चरण में करीब चार सौ बीघा जमीन अधिग्रहण की जाएगी। थर्मल अधिकारियों ने बताया कि यहां दोनों इकाइयों को शुरू करने के लिए आधारभूत ढांचा है। वर्तमान में कालीसिंध थर्मल की पहली व दूसरी इकाई दो यूनिट लगी हुई है। जिनसे विद्युत उत्पादन हो रहा है।
कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट के चीफ इंजीनियर डीपी वर्मा ने बताया कि तीसरी और चौथी यूनिट का मामला जयपुर स्तर पर ही चल रहा है। इस संबंध में समिति जयपुर स्तर पर ही बनी होगी। हमारे पास कोई आदेश नहीं है।





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