जयपुर। सावन में लम्बे इंतजार के बाद मानसून प्रदेशभर में एक बार फिर मेहरबान हुआ है। बीते तीन दिनों से पूरब के कई जिलों में बारिश की झड़ी लगी हुई है जिससे कई बड़े-छोटे बांधों में पानी की आवक शुरू हो गई। बीते सोमवार को टोंक,भरतपुर,करौली में मूसलाधार बारिश हुई है। टोंक के ठीकरिया कस्बे में सर्वाधिक आठ इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। जिले कई इलाकों में ढाई से तीन घंटे लगातार मूसलादार बारिश होने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी इलाकों में बने निम्न वायुदाब क्षेत्र के असर से प्रदेश के पूर्वी जिलों में मानसूनी हलचल तेज हो गई है जिससे अगले तीन चार दिन पूर्वी जिलों में बादलों की आवाजाही बने रहने व कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। हालांकि प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में अब भी मानसून सक्रिय होने का इंतजार है।
बीते चौबीस घंटे में टोंक के ठीकरिया में 200,गलवा टैंक 117,अलीगढ़ 88, टोंक 82, पीपलु 72,देवली 62, बीसलपुर डेम 47,भरतपुर के रूपवास में 115, कोटा के चेचट में 148, करौली 81, सवाई माधोपुर 62,उदयपुर के भिंडर में 66 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
बीसलपुर बांध में बीते चौबीस घंटे में जलस्तर सात सेंटीमीटर बढ़कर 309.17 आरएल मीटर दर्ज किया गया। टोंक जिले में हुई मूसलाधार बारिश के कारण बांध में पानी की आवक एकाएक बढ़ गई है हालांकि अब भी त्रिवेणी में पानी का बहाव कम बना रहा है लेकिन बीते चौबीस घंटे में बांध में हुई पानी की आवक से जयपुर शहर को अगले सप्ताहभर लायक जलापूर्ति जितना पानी उपलब्ध हो गया है।
राजधानी में बीती रात हल्की बूंदाबांदी हुई। हालांकि बादलों की आवाजाही बीते चौबीस घंटे से बनी हुई है और आज सुबह भी शहर में छाई घनघोर घटाओं से बारिश होने की उम्मीद दिन बीतने के साथ ही कमजोर होती नजर आई। सुबह दस बजे तक ही बादल छंटने के साथ ही धूप की आंखमिचौनी दिखाई दी । हालांकि बीती रात के तापमान में हुई आंशिक गिरावट के कारण रात व आज सुबह मौसम में ठंडक महसूस हुई और शहरवासियों को गर्मी और उमस से राहत मिली। शहर में आज सुबह दस बजे अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। स्थानीय मौसम केंद्र ने आज शहर में बादल छाए रहने व मेघगर्जन के साथ बौछारें गिरने की संभावना जताई है।
कोटा में बीती देररात बारिश थमने ही कोटा बैराज में पानी की आवक धीमी पड़ गई। आज सुबह सात बजे तक बैराज के तीन गेट खोलकर 7320 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा था। वहीं इसके बाद दो गेट बैराज के बंद कर दिए गए। हालांकि आज सुबह तक बैराज के खुले एक गेट से एक 2437 क्यूसेक पानी की निकासी चबल में हो रही है।





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