फैक्ट फाइल
16 नवंबर को शीर्ष न्यायालय ने 41 ब्लॉक में लगा दी थी बजरी खनन पर रोक
7 स्थानों पर रोक से पूर्व खनन विभाग जालोर के अंतर्गत हो रही थी खनन
300 ट्रेक्टर अब भी प्रतिदिन हो रही बजरी का अवैध खनन
1200 टन से अधिक रोजाना पहुंच रही अवैध बजरी निर्माण कार्यों में
जालोर. अवैध बजरी खनन के मामलों पर पुलिस महकमे की नजर जरुर है, लेकिन खुद के विभाग में ही सीसी रोड निर्माण के तहत पहुंच रही अवैध बजरी पर विभाग ने आंखें मूंद ली है। पुलिस लाइन में नगरपरिषद की ओर से सीसी रोड का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। इसके लिए ग्रेवल के लिए पुलिस महकमा काम करवा रहा है। जबकि इसके बाद यहां पर सीसी रोड का निर्माण नगरपरिषद के ठेकेदार द्वारा करवाया जाएगा। इसके लिए ठेकेदार ने पुलिस की नाक के नीचे ही बजरी के ढेर लगा दिए हैं। मामला इसलिए खास है क्योंकि शीर्ष न्यायालय के आदेश के बाद बजरी खनन पर रोक है। ऐसे में पुलिस विभाग में ही लगातार पहुंच रही बजरी एक तरफ पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर तो दूसरी तरफ खनन विभाग पर भी सवाल खड़े कर रही है।
दूसरों के मामले में लूट रही वाहवाही
पुलिस ने हाल के दिनों में बजरी खनन के अधिकतर मामलों में ट्रेक्टर और जेसीबी को जब्त किया है। दो दिन पूर्व ही बागरा पुलिस ने भी अवैध बजरी खनन के मामले में तीन ट्रेक्टर जब्त किए, लेकिन अब खुद के महकमे में ही अवैध बजरी पहुंच रही है, जिस पर विभाग मौन धारण किए हुए है।
सवाल अहम आखिर ये मौन क्यों
मामले में नगरपरिषद के एक्सईएन विनय बोड़ा ने इस सड़क निर्माण की बात कही है। उनका कहना था कि यह सीमेंटेड सड़क बनेगी। उनका यह भी कहना था कि ठेकेदार जितेंद्र परिहार यह काम करवा रहा है। लेकिन रोक के बाद यहां पहुंच रही बजरी के मामले में एक्सईएन ने मौन धारण कर लिया। उनके पास भी इस मामले में कोई संतोषजनक जवाब नहीं था।
मेहरबानी समझ से परे
आमतौर पर खनन विभाग और पुलिस विभाग अवैध खनन के मामलों में कार्रवाई करता है, लेकिन जब खुद का मामला आता है तो मौन धारण कर लेता है।
इनका कहना
पुलिस लाइन में नगरपरिषद की ओर से ही सड़क का निर्माण करवाया जा रहा है। मिट्टी का काम पुलिस महकमे की ओर से हो रहा है। वहीं इस पर सीसी रोड नगरपरिषद करवाएगी। सामग्री ठेकेदार द्वारा डलवाई गई है।
- विनय बोड़ा, एक्सईएन, नगरपरिषद, जालोर
पूरी तरह से रोक है
बजरी खनन के मामले में पूरी तरह से रोक है। न्यायालय के आदेश के अनुसार बजरी खनन अवैध है। काम सरकारी हो या गैरसरकारी बजरी पहुंचती है या परिवहन हो रहा है तो निर्देशों की अवहेलना है।
गोरधनराम, खनि अभियंता, जालोर





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