अलवर. राजकीय कला महाविद्यालय में प्राचार्य और विद्यार्थियों के बीच हुए विवाद मामले में कॉलेज विद्यार्थियों का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नही होनी चाहिए, इन पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
बाबू शोभाराम कला महाविद्यालय हमेशा ही विद्यार्थियों की आपसी रंजिश के कारण होने वाले झगड़ों से प्रभावित रहा है। यहां व्याख्याताओं की आपसी गुटबाजी भी साफ नजर आती है। ऐसे में इन सभी का खामियाजा विद्यार्थियों को उठाना होता है जो दूर दराज गांव से यहां पढऩे के लिए आते हैं। बहुत से विद्यार्थी ऐसे गरीब परिवारों से आते हैं जिनके माता-पिता उन पर आस बनाए हुए हैं। इस मामले में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिक्रिया इस प्रकार व्यक्त की।
शिक्षा का माहौल बने
कला महाविद्यालय में पहले भी कई बार विवाद होते रहे हैं जिससे यहां की छवि खराब हो रही है। इससे बचने के लिए यहां शिक्षा का माहौल बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाने चाहिए। इसके लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
हाकमदीन, छात्रसंघ अध्यक्ष, कला महाविद्यालय, अलवर।
अलवर के कॉलेजों में झगड़े बहुत कम होते हैं जिसके कारण यहां शिक्षा का माहौल बना है। कला महाविद्यालय में बहुत से विद्यार्थी बाहर से आकर गुंडागर्दी करते हैं, जिन पर रोक लगाई जानी चाहिए।
पूजा वर्मा, उपाध्यक्ष, कला महाविद्यालय, अलवर।
कला महाविद्यालय में हम पढऩे के लिए गांव से आते हैं। यहां यदि गुंडागर्दी होती है जो इससे शिक्षा का माहौल बिगड़ेगा। हमारा यहां आने का एकमात्र उद्देश्य मात्र पढ़ाई करना है। इस पर सभी को गंभीरता से सोचना होगा।
सोनू गुर्जर, प्रथम वर्ष, कला महाविद्यालय, अलवर।
अलवर के कला महाविद्यालय में पढ़ाई का माहौल नहीं बन पाया है जिसका कारण यहां आपसी विवाद भी है। छात्र संघ चुनाव के कारण यहां कुछ युवा गुंडागर्दी करते हैं, इसके कारण हम सभी परेशान हैं।
रागीब दबीर, एम प्रीवियस, अलवर।
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