श्रीगंगानगर.
जिले में 98 हजार से अधिक शौचालय बनाकर एक अरब सत्रह करोड़ साठ लाख रुपए का भारी भरकम बजट खर्च कर ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन के तहत पूरे जिले को ओडीएफ घोषित करने की हकीकत रविवार शाम कालूवाला चक के पास रेलवे पटरी पर दंपती की मौत ने हकीकत बयां कर दी है।
जिला परिषद अब तक यह दावा करती रही है कि कोई भी परिवार या व्यक्ति खुले में शौच करने नहीं जाता। जहां-जहां जरूरत हुई वहां-वहां शौचालय का निर्माण करवा दिया है। इस कारण जिला परिषद के अधिकारी जयपुर में जाकर उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कार तक ला चुके हैं लेकिन कालूवाला गांव के पास बस्ती के साठ फीसदी परिवार आज भी खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। मृतकों के नजदीकी रिश्तेदार बलविन्द्र सिंह के साथ आए कॉलोनी के बांशिदों ने यह तक आरेाप लगाया कि सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी कभी आए नहीं, कई बार उनसे शौचालय बनाने का आग्रह कर चुके हैं लेकिन सरकारी फाइलों में उनकी फरियाद भी दब गई। ऐसे में स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत कभी शौचालय बनाने का सपना अधूरा रह गया है।
मनोहरी भी शौच के लिए गई पर लौटी नहीं
ज्ञात रहे कि मनोहरी देवी शौच क्रिया करने के लिए रेलवे पटरी के पास गई थी लौटते समय रेलगाड़ी की चपेट में आते देख उसके पति हंसराज ने जब उसे बचाने का प्रयास किया तो वह भी ट्रेन की चपेट में आ गया। दोनों के शरीर के इतने टुकड़े हो गए कि पुलिस को डैड बॉडी ढूंढने के लिए करीब दो घंटे लग गए।
क्षेत्राधिकार में उलझे अधिकारी
श्रीगंगानगर.
निकटवर्ती चक एक वाई के युवक ने सगाई के बाद रिश्ता टूटने पर आत्महत्या कर ली। युवक के पिता ने उसके संबंधियों पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण का मामला दर्ज कराया है। सदर थाना पुलिस के अनुसार बीस वर्षीय युवक विजय कुमार ने शनिवार शाम को अपने खेत में कीटनाशक पी ली। परिजन उसे बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल ला ही रहे थे कि उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। उसके पिता हेतराम ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया है कि विजय की शादी एक वर्ष पहले बलजीत सिंह की पुत्री से तय हुई थी। अब कालूराम, ममता देवी और दुर्गादेवी उसे धमका रहे थे।
शाम चार बजे वे उसके घर आए और कहा कि वे रिश्ता नहीं रखेंगे। इसके घंटेभर पुत्र विजय ने खेत में जाकर कीटनाशक का सेवन कर लिया।





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