किसानों को मिली राहत
बूंदी. जिले में बुधवार को लम्बे इंतजार के बाद बादल मेहरबान रहे। सुबह लगभग साढ़े पांच बजे के करीब शहर में आधा घंटा तेज बारिश हुई। बाद में रुक-रुक हलकी बारिश का दौर चलता रहा। वहीं तालेड़ा में तेज बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए। इन्द्रगढ़, लाखेरी, भंडेडा, जजावर, बरूंधन, पेच की बावड़ी, रोटेदा, नैनवां में हलकी बारिश दर्ज की गई। बुधवार को अधिकतम तापमान ३०.८ व न्यूनतम २४.५ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बूंदी मे सुबह आठ बजे तक दस एमएम तथा आठ बजे से पांच बजे तक बूंदी में ५, केशरायपाटन २, नैनवां ७ एमएम बारिश दर्ज की गई।
नैनवां. कस्बे में बुधवार दोपहर से ठहर-ठहर कर बूंदाबांदी चलती रही। दोपहर साढ़े 12 बजे से शाम तक ठहर-ठहर कर बूंदाबादी चलती रही।
लाखेरी. कस्बे में बुधवार को बादल मेहरबान रहे, करीब एक घंटे तक झमाझम बरसात हुई। जिससे लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली। सुबह से ही कस्बे में आसमान में बादल छाए रहे। इसके बाद बूंदाबांदी शुरू हुई, दोपहर को तेज बरसात शुरू हुई। जमकर हुई बरसात से किसानों को राहत मिली। सड़कों पर हर तरफ पानी ही पानी नजर आया।
कापरेन. शहर सहित क्षेत्र में बुधवार सुबह बरसात हुई। लेकिन दोपहर बाद करीब आधे घण्टे की बरसात से किसानों ने राहत महसूस की। क्षेत्र में बीते 15 दिनों से बरसात नहीं होने से फसलें मुरझाने लगी थी। किसानों का कहना है कि थोड़ी बरसात होने से फसलों को जीवन मिला है।
करवर. करवर समेत आस-पास के गांवों में बुधवार दोपहर बाद अचानक मौसम बदला। तेज बरसात शुरू हुई, जो देर शाम तक रुक-रुक कर जारी रही। बरसात से पहली बार जलाशय में पानी की आवक शुरू हुई। वहीं मानसून की पहली बरसात से किसानों के चेहरे खिल उठे। सूखी फसलों को राहत मिलेगी।
रोटेदा. क्षेत्र में बुधवार दोपहर दो बजे करीब पंद्रह मिनट मूसलाधार बरसात हुई। जिससे खेतों में सूख रही फसलों में जान आ गई। बरसात से सड़कों पर पानी बह निकला, वहीं गर्मी व उमस से लोगों ने राहत ली। किसानों ने बताया कि बरसात नहीं होने से क्षेत्र की अड़तीस सौ बीघा सोयाबीन, एक हजार बीघा धान
व उड़द की फसलें नष्ट होने
लगी थी।
केशवरायपाटन. बारिश नहीं होने से परेशान किसानों की पुकार बुधवार को इन्द्रदेव ने सुन ली। एक पखवाड़े बाद यहां सुबह से मौसम बदल गया। बादलों के साथ रिममझिम बारिश शुरू हो गई। दिन भर रुक-रुक कर रिमझिम बारिश होने से किसानों को फसल बचने की आशा जग गई। सभी खेतों में जुट गए हैं।





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