कोटा. पुलिस यदि शिकायती पत्र को गंभीरता से लेती तो उत्तर प्रदेश से कोटा में डॉक्टर बनने का सपना लेकर आए अतुलसिंह की जान बच सकती थी, लेकिन पुलिस ने पत्र को रद्दी की टोकरी में डाल दिया। नतीजतन छोटी सी बात को लेकर हुए झगड़े में अतुल की जान चली गई। पुलिस की संवेदनहीनता को लेकर मोहल्ले के लोग ही सवाल उठा रहे हैं। कोचिंग छात्र की हत्या के लिए महावीर नगर थानाधिकारी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
अतुल की हत्या के बाद रविवार को औंकारेश्वर पार्क में मोहल्ले के लोगों की बैठक हुई। इसमें औंकारेश्वर महादेव मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि दस दिन पहले महावीर नगर थानाधिकारी घनश्याम मीणा को औंकारेश्वर पार्क में समाजकंटकों और स्मैकचियों का जमावड़ा लगा रहने तथा पार्क में आने वाली महिलाओं पर फब्तियां कसने की शिकायत की थी। पार्क में गश्त लगाने तथा समाजकंटकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बैठक में थानाधिकारी की कार्यशैली को लेकर रोष जताया है। लोगों ने विधायक संदीप शर्मा व सांसद ओम बिरला को भी इस बारे में अवगत कराया है। बैठक में पार्षद गोपालराम मण्डा और भाजपा युवा मोर्चा के विकास शर्मा भी मौजूद थे।
लगाएंगे सीसीटीवी और लाइट
बैठक में महावीर नगर सुरक्षा समिति का गठन किया गया। साथ ही सात दिन में जनसहयोग से पार्क में सीसीटीवी लगाने का निर्णय किया गया। पार्क की दीवार काफी ऊंची है। इस कारण पार्क के अंदर की गतिविधियों का बाहर से पता नहीं चलता है। इसलिए चारदीवारी को तोड़कर चम्बल गार्डन की तरह रैलिंग लगाई जाएगी। इसके लए नगर विकास न्यास अध्यक्ष से बात करेंगे। निगम के माध्यम से पार्क में एलईडी लाइटें लगाई जाएगी। अभी चार गेट है, इन्हें बंद कर एक ही गेट रखा जाएगा। रात 10 बजे पार्क में प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। समिति की देखरेख में पार्क संचालित किया जाएगा। बैठक में समिति के उपाध्यक्ष रमेश चंद, गिरीश गौतम, दिलीप शुक्ला आदि मौजूद थे।





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