सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम में श्रीगंगानगर जिले का 71 करोड़ रुपए का नए वित्तीय वर्ष का प्लान
श्रीगंगानगर.
सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) में वर्ष 2011-12 से 2014-15 तक चार साल में करोड़ों रुपए की राशि जारी की गई थी। जिला परिषद ने इसमें कुछ राशि तो निर्माण कार्य सहित अन्य मद में खर्च कर दी गई लेकिन कुछ राशि का अभी तक अनुपयोजित व शेष बताई जा रही है। इस राशि की खर्च होने की सूचना नहीं भिजवाने पर वर्ष 2018-19 का वार्षिक कार्य योजना के प्लान का अनुमोदन नहीं किया जाएगा।
साथ ही कहा कि नए वित्तीय वर्ष के लिए राशि भी जारी नहीं की जाएगी। गौरतलब है कि श्रीगंगानगर जिले का सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम का 71 करोड़ रुपए का प्लान बनाकर राज्य सरकार व फिर व वहां से भारत सरकार को भेज गया है। अब भारत सरकार ने इसकी सूचना मांगी है। इस पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग राजस्थान के प्रमुख सचिव राजेश्वर सिंह ने जिला कलक्टर ज्ञानाराम को पत्र लिखकर बीएडीपी की अनुपयोजित राशि की सूचना मांगी गई है।
पहले भी लिखा था पत्र, नहीं दिया ध्यान
अब जिला कलक्टर ने जिला परिषद सीईओ को बीएडीपी में आवश्यक कार्रवाई करने के लिए पाबंद किया है। उल्लेखीनय है कि प्रमुख सचिव ने कहा कि 16 जून 2018 को भी इस संबंध में पत्र लिखकर जिला परिषद से सूचना मांगी गई थी लेकिन 25 जुलाई तक किसी भी जिला परिषद ने इस संबंध में सूचना नहीं भिजवाई है। अब इसको विभाग ने गंभीरता से लिया है।
प्लान जल्दी मंजूर करवाने की कवायद-चुनावी साल है और सत्तारूढ़ पार्टी कभी नहीं चाहती है कि श्रीगंगानगर जिले के 71 करोड़ रुपए के बजट में कोई देरी हो। इसलिए विभाग इस प्लान को जल्द मंजूर करवाकर निर्माण कार्य करवाना की मंशा रखता है। साथ ही इस बार विभाग ने 0 से 10 किमी में विशेष परिस्थतियों में छूट देकर शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल व परिवहन आदि के कार्यों में 50 किमी. तक फिर प्लान बनाकर कार्य शामिल किए गए।





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