Breaking News
recent

जेलों में चली थी गोलियां, कैदी मरे, जांच अभी तक पूरी नहीं

कार्मिक विभाग व सरकार के स्तर पर लंबित है जांच
जेलों में चली थी गोलियां, कैदी मरे, जांच अभी तक नहीं

सीकर जेलों में गोलियां चली, कैदी मारे गए, कर्मचारियों को चार्जशीट मिली और फिर जांच सरकार तक पहुंची। सरकार व कार्मिक विभाग के पास जाने के बाद तो हालत ये हुई कि जांच चलती ही रही। भले ही वारदातों को चार साल बीत चुके हो। इतने गंभीर मामलों में कार्रवाई नहीं होने से जेलों की सुरक्षा भी सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक चार साल पहले सीकर व बीकानेर जेल में गैंगवार की गंभीर वारदातें हुई थी। दोनों ही जेलों में गैंगस्टर ने गोलियां चलाई थी।
ठेहट व आनंदपाल गैंग के बदमाशों के बीच हुई इन वारदातों में बीकानेर जेल में तीन बंदियों की मौत हो गई थी। सीकर जेल में बदमाश राजू ठेहट के गोली लगी थी लेकिन वह बच गया था। उसको सुभाष बराल ने गोली मारी थी। वहीं बीकानेर जेल में हुई फायरिंग में गैंगस्टर बलबीर बानूड़ा की मौत हो गई थी। यहां आनंदपाल पर गोलियां चलाई गई थी लेकिन बानूड़ा बीच में आ गया था। इसके बाद आनंदपाल गैंग ने जेल में ही ठेहट के दो बदमाशों को पीट पीट कर मार डाला था। इन दोनों मामलों में १३ जेलकर्मियों को १६ सीसी की चार्जशीट दी गई थी। चार साल बाद भी इनकी जांच सरकार के पास लंबित चल रही है। जबकि उस वक्त अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का एेलान किया था।
इन जेल अधिकारियों पर लंबित है जांच
सीकर जेल में राजू ठेहट को गोली मारने के मामले में जेल उपाधीक्षक मंगलचंद राठी, मुख्य प्रहरी रघुवीर प्रसाद, प्रहरी उपेंद्र कुमार व चौथमल को १६ सीसीए की चार्जशीट दी गई थी। अभी भी इनके खिलाफ जांच सरकार के स्तर पर चली ही रही है। बीकानेर जेल में गैंगवार व तीन बदमाशों की मौत के बाद जेल अधीक्षक सुरेंद्र कुमार, सहायक कारापाल योगेंद्र सिंह व महावीर प्रसाद, मुख्य प्रहरी मोहम्मद शब्बीर, प्रहरी राजू भाटिया, सुखचरण सिंह,रणवीर सिंह व ओमप्रकाश बलाई को चार्जशीट दी गई थी। इनकी जांच भी चार साल बाद भी सरकार के स्तर पर लंबित चल रही है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.