श्रावण मास कृष्ण पक्ष में चढ़ाई जाने वाली कावड़ इस बार त्रयोदशी तिथि में 9 अगस्त को चढ़ाई जाएगी। इस दिन तीन अलग अलग योग बन रहे हैं। इस बार कावड़ के पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक करने के लिए त्रयोदशी , प्रदोष व्रत, व सवार्थ सिद्धि योग का शुभ, श्रेष्ठ संयोग रहेगा। जो सुख समृद्धि , धन एश्वर्य के लिए सर्वोत्तम योग बन रहा है।
कावड़ चढ़ाने का मुहूर्त
स्कीम नंबर दस निवासी पङ्क्षडत यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि मास शिवरात्रि को पूरे दिन ही कावड़ का पवित्र जल भगवान शंकर को अर्पित कर अभिषेक किया जा सकता हैं। चौधडिये के अनुसार इस प्रकार शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दिन दोपहर 1.30 बजे से दोपहर 3 बजे तक राहुकाल है, जो कावड़ चढ़ाने के लिए वर्जित समय माना गया है।
इधर, कावड़ चढ़ाने की तिथि नजदीक आते ही शहर के कावड़ शिविरों में कावडियों का पहुंचना शुरु हो गया है। यहां से हर हर भोले, बम बम भोले के जयकारे लगाते हुए कावडि़ए अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। इधर, शहर में कंपनी बाग, टैल्को चौराहा, दौ सौ फीट रोड, अटटा मंदिर सहित अन्य जगहों पर कावडियों के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। विश्व मानव रूहानी केंद्र की ओर से दौ सौ फीट रोड पर पेट्रोल पंप के समीप कावड़ शिविर लगाया जा रहा है।
उधर, ङ्क्षहदू मुस्लिम मंच की ओर से ग्राम बल्लाना बुर्जा बाइपास पर कावड़ सेवा शिविर लगाया गया है। इसमें कार्यक्रम संयोजक सुधीर राणा ने बताया कि गा ंव के सभी मुस्लिम भाईयों की ओर से शिविर में सेवा दी जा रही है। कावडिय़ों की सेवा कर समाज में एकता का संदेश दिया जा रहा है। दिव्यांग कावडिया बना प्रेरक: इधर, कलसाडा में भी कावडियों के लिए सेवा शिविर लगाया गया है। इस शिविर में पालमपुर के शारीरिक रूप से निशक्त सियारामदास सबके लिए प्रेरक बने हुए हैं। इनका कहना था कि भक्ति में शक्ति होती है।





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