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बॉर्डर पर तैनात जवानों की कलाइयां नहीं रही सूनी, बंकर में जाकर गांव-कस्बों से पहुंची बहनों ने बांधी राखी

जैसलमेर। देश की पश्चिमी सीमाओं की रखवाली करने के लिए घर-परिवार से दूर सीमा सुरक्षा बल के जवानों की कलाइयां रविवार को रक्षाबंधन के दिन सूनी नहीं रही।

 

हर बार की भांति इस बार भी सीमाजन कल्याण समिति के कार्यकर्ताओं के साथ जिले के गांव-कस्बों से पहुंची बहनों ने जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान के चारों सीमावर्ती जिलों बीकानेर, श्रीगंगानगर और बाड़मेर में पाकिस्तान से सटी सीमा चाकियों पर तैनात जवानों की कलाइयों पर स्नेह के रक्षासूत्र बांधकर उनसे सुरक्षा का वचन लिया।

 

बाखासर से हिंदूमलकोट तक प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के अवसर पर सीमाजन कल्याण समिति राजस्थान के कार्यकर्ता बाड़मेर के बाखासर से लेकर श्रीगंगानगर के हिंदूमल कोट के बीच पडऩे वाली सरहद तथा सीमा चौकियों के बंकर और ओपी टावर पर तैनात जवानों के साथ भाई-बहन के रिश्तों की डोर में बंध कर उन्हें स्नेह का धागा बांधा। सीमा पर तैनात जवानों को भी इन बहनों का इंतजार रहेगा, क्योंकि पिछले 28 वर्षों से सीमाजन कल्याण समिति का यह अभिनव कार्यक्रम जारी है।



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