अजमेर.
जाते सावन में मानसून फिर सुस्त हो गया है। शुक्रवार को भी बादल केवल मुंह चिढ़ाते रहे। हवा चलने के अलावा धूप-छांव का दौर चला। बरसात नहीं होने से मौसम में हल्की गर्माहट भी रही।
सुबह बादलों के झुंड आसमान में सिर्फ मंडराते नजर आए। हवा चलने से मौसम सामान्य रहा। बादलों और सूरज में तांक-झांक चलती रही। इससे हल्की गर्माहट और उमस महसूस हुई। बादलों की खामोशी नहीं टूटी। अजमेर सहित जिले के अधिकांश हिस्से बरसात को तरसते रहे।
मानसून हुआ सुस्त
सावन में मानसून फिर सुस्त हो गया है। बीते दो-तीन दिन में तेज बौछारों को छोड़कर कहीं झमाझम बरसात नहीं हुई है। केवल बादलों की उमड़-घुमड़ और धूप-छांव का दौर चल रहा है। कम बरसात से काश्तकारों की चिंता भी बढ़ गई है। इससे खेतों में फसल-बीज खराब होने की आशंका है। सिंचाई विभाग के अनुसार जिले में 1 जून से 23 अगस्त तक 251.12 मिलीमीटर बरसात हुई है। जबकि पिछले साल इस अवधि में 340 मिलीमीटर से ज्यादा बरसात हो चुकी थी।
जलाशयों में नहीं पर्याप्त पानी
बरसात नहीं होने से जिले के अधिकांश जलाशय में पर्याप्त पानी नहीं आया है। इनमें राजियवास, बीर, मूंडोती, पारा प्रथम और द्वितीय, बिसूंदनी, मकरेड़ा, रामसर, अजगरा, ताज सरोवर अरनिया, नारायण सागर खारी, मान सागर जोताया, देह सागर बडली, भीम सागर तिहारी, खानपुरा तालाब शामिल है। इसी तरह चौरसियावास, लाकोलाव टैंक हनौतिया, पुराना तालाब बलाड़, जवाजा तालाब, देलवाड़ा तालाब, छोटा तालाब चाट, मान सागर जोताया और अन्य शामिल हैं।
तय हुआ कुलपति सर्च कमेटी सदस्य का नाम
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में गुरुवार को प्रबंध मंडल (बॉम) की बैठक हुई। इसमें कुलपति सर्च कमेटी के लिए सदस्य का नाम तय हुआ।
विश्वविद्यालय का सदस्य मनोनीत करने के लिए विश्वविद्यालय प्रबंध मंडल की बैठक हुई। कार्यवहक कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी की अध्यक्षक्षता में सदस्य का नाम तय किया गया। यह नाम अब राजभवन, सरकार और यूजीसी को भेजा जाएगा। नियमानुसार स्थाई कुलपति का कार्यकाल खत्म/निधन होने पर सर्च कमेटी का गठन जाता है।
इसमें यूजीसी, राजभवन और विश्वविद्यालय प्रबंध मंडल के सदस्य को शामिल किया जाता है। बैठक में प्रबंध मंडल सदस्य प्रो. शिवदयाल सिंह, प्रो. प्रवीण माथुर, सरकार के प्रतिनिधि प्रो. अनिल कोठारी, कॉलेज शिक्षा निदेशालय के प्रतिनिधि डॉ. महेंद्र गोखरू सहित अन्य शामिल हुए।





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